जो सास ही को न पीटे तो फिर बहू क्या है
ग़ालिब साहिब ने फ़रमाया :रगों में दौड़ने के हम नहीं कायल ग़ालिबजो आँख ही से न टपके तो फिर लहू क्या हैकिसी ने इसमें तड़का लगायाघर में शान्ति से रहने के हम नहीं कायल भैयाजो सास ही को न पीटे तो फिर बहू क्या है .............www.albelakhatri.com
May 26 2010 01:49 PM



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