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युनिकोड एक ऐसी कोडिंग प्रणाली, जिसमें विश्व की सभी जीवंत भाषाएँ समाहित हैं

कुछ ही दिन पूर्व एक विद्वान् लेखक का शोधपूर्ण तकनीकी लेख पढ़ा. “बहुत कठिन है डगर पनघट की”. इस लेख में पाँच तकनीकी बाधाओं का उल्लेख करते हुए यह सिद्ध करने का प्रयास किया गया था कि इन समस्याओं का हल निकाले बिना हिंदी को इंटरनेट पर लाने के अब तक के तमाम
 
रवीन्द्र प्रभात
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हिन्दू धर्म से विमुख डा0 अम्बेडकर (जयंती पर विशेष)

डा0 अम्बेडकर दूरदृष्टा और विचारों से क्रांतिकारी थे तथा सभी धर्मों के तुलनात्मक अध्ययन पश्चात वे बौद्ध धर्म की ओर उन्मुख हुए। एक ऐसा धर्म जो मानव को मानव के रूप में देखता था, किसी जाति के खाँचे में नहीं। एक ऐसा धर्म जो धम्म अर्थात नैतिक आधारों पर
 
Akanksha~आकांक्षा
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मुर्गे के पंख से ईंधन

अमेरीका में भारतीय मूल के प्रोफ़ेसर मनोरंजन मनो मिश्रा मुर्गे के पंख और कॊफी से ईंधन बना कर सुर्खियों में है! उन्हे इस काम के लिये सम्मानित भी किया गया है! श्री मिश्रा को नेवादा सिस्टम आफ हायर एजुकेशन बोर्ड ने वर्श 2010 की रिजेंट्स रिसर्चर उपाधि से
 
रौशन जसवाल विक्षिप्त
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हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट

राष्ट्रीय प्रोद्योगिकी संस्थान हमीरपुर हिमचल प्रदेश के विद्यार्थियों ने हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट तैयार किया है! इससे बिजली उत्पन्न की जा सकेगी! संस्थान के तीसरे वर्ष के विद्यार्थी श्याम कुमार सिंह ने अपने सह्पाठियों हिंमाशु, शिप्रा, नवीन, दीपक और
 
रौशन जसवाल विक्षिप्त
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बंदूक की नई फ़सल

टीवी पत्रकार अमृत उपाध्याय की ये कविता उनके ब्लॉग - कशमकश- से साभार ली गई हैः संजीवघर के पिछुआड़े,बोई थी कुछ बन्दूकेंकुछ दाने और कारतूस,इस बार घर गया तो खोजा, बन्दूक की फसल बर्बाद हो गई शायद,पता नहीं क्यों,नहीं ऊगे बंदूकऔर ना दाने कारतूस बन पाएक्यों न
 
संजीव
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ये हाईप्रोफाइल युवतियां ??

कई बार कुछ ख़बरें मन को झकझोरती हैं, ग्लानि पैदा करती हैं. ऐसी ही इक खबर पर नज़र गई कि सैक्स रैकेट के आरोप में ढोंगी बाबा राजीव रंजन द्विवेदी के साथ पकड़ी गई छह हाईप्रोफाइल युवतियों को लेकर दुनिया चाहे कुछ भी सोच रही हो, लेकिन उनको इसका मलाल नहीं है। किसी
 
Akanksha~आकांक्षा
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...आपके लिये

टीवी पत्रकार राकेश पाठक ने आपके लिए दो कविताएं लिखी हैं। जिसे उनके ब्लॉग -इस मोड़ पर- से लिया गया हैः संजीव1.चिंगारियां पानी से नहीं बुझतींन कभी थकती हैं...चिंगारियां मन में दबी हों...तो मन भी नहीं थकता चिंगारियां गुंजाइश रखती हैंहर दौर में खुद के आजमाइश
 
संजीव
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राहुल कथायाम् प्रथमोध्याय:

राकेश पाठक, न्यूज़ चैनल में एंकर हैं। उन्होंने राहुल गांधी पर जो कुछ लिखा है, आप भी पढ़ें, दिलचस्प है। उनके ब्लॉग- ...इस मोड़ पर- से साभार लिया गया है -संजीवराहुल गांधी…कौन राहुल गांधी? अरे इस देश में एक ही तो राहुल गांधी है। युवा राहुल गांधी। कांग्रेस
 
संजीव
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ईश-निंदा के क़ानून को चुनौती

आयरलैंड में नास्तिकों के एक समूह ने अपनी वेबसाइट पर धर्म-विरोधी टिप्पणियाँ छापकर कर ईश-निंदा के नए क़ानून को चुनौती दी है. 'ऐथीस्ट आयरलैंड' नामक संस्था का कहना है कि वो किसी भी कार्रवाई के ख़िलाफ़ अदालती लड़ाई लड़ने को तैयार है. वेबसाइट पर जिन टिप्पणियों
 
Hemant Pandey
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तुम गए तो.....

तुम गए तो गए बस इतना कहकर जातेकब आवोगे तुम हमसे मिलने इतना तो बताते.बोल नहीं सकते तो एक ख़त ही लिख कर छोड़ जातेतुम गए तो गए बस इतना कहकर जाते.कब तक करूँगा तुम्हारा दीदार ये समझ में नहीं आ रहाअब तो बस तुम्हारे आने काही इन्तेजार रहाअगर तुम्हारी कोई मज़बूरी
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क्या ताजमहल वास्तव में शिव मंदिर है?

श्री पुरुशोत्तामानागेश ओके ने कई बार हिन्दू धर्म की दूसरे धर्मों पर श्रेष्ठता प्रमाणित करने का प्रयास किया है। साथ ही, यह तथ्य भी प्रमाणित करने का प्रयास किया है, कि भारतीय इतिहास को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत किया गया है, व उसमें से कई महत्वपूर्ण अंश का
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मुफ़लिसी में हंसी

पवन के कार्टून का मुरीद रहा हूं... रेखाचित्रों से ज्यादा उनके कार्टून का सब्जेक्ट जोरदार रहा है। कार्टून पर जाकर क्लिक कीजिये और आप भी मजा लीजियेः संजीव
 
संजीव
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ये उनके लिये जो रूपए-पैसे लेकर उपाधि, अलंकार देतें है.

कई संस्थाएं रुपये कोडी लेकर उपाधि, सम्मान, अलंकार आदि देती है, वे संस्थाएं इसे जरुर पड़ें ब्रिटेन का सम्राट जेम्स अपने नागरिकों से धन लेकर उन्हें तरह-तरह की उपाधियों से विभूषित किया करता था। देश के धनवान लोग खूब उपाधियां खरीद रहे थे। इनमें से कई भ्रष्
 
पंकज व्यास, रतलाम
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बेहतर भविष्य के इंतज़ार में

भुवन के ब्लॉग -लूज़ शंटिंग - पर दीप्ति का ताजा पोस्ट पढ़ें... । इसके जरिये अपने आसपास... और समाज को महसूस करें - संजीवनाम- इंतज़ारउम्र- 15 साल (लगभग)स्थानीय निवासी- उत्तर प्रदेशफिलहाल बसेरा- पुरानी दिल्ली का एक रैन बसेराजब हम उससे और उसके साथियों से
 
संजीव
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