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बेशर्मों की जमात..

झारग्राम की वो खौफनाक त्रासदी...चारों तरफ लाशों का ढेर...रोते बिलखते लोग...कभी ना थमने वाले आंसू...दर्द और मौत के उस भयानक मंजर के बारे मे सोच कर ही सिहरन उठ जाती है...लेकिन देश के नेताओं की संवेदनाएं शायद मर चुकी है...शायद मैं गलत हूं...संवेदनाएं
 
हितेश व्यास
टैग: साजिश