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ताई ने किया अर्थ का अनर्थ

बात पुरानी है ! उस समय ताऊ और ताई की शादी हुई ही थी ! शादी के कुछ दिन बाद ताऊ तो कलकता चला गया ! और ताई रह गई गाँव में ! अब एक दिन ताई ने एक पत्र ताऊ को लिखा ! आप तो ताऊ को जानते ही हो ! ताऊ ख़ुद अंगूठा छाप है ! इसीलिए चोरी डकैती और लूट्मारी के धंधो
 
दीपक "तिवारी साहब"
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