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स्वतंत्रता पुकारती है, पर इससे बचाओ रे राम

अस्तित्व की स्वतन्त्रता किसे अच्छी नहीं लगती, हर कोई चाहता है कि उसे आजाद छोड़ दिया जाए, उड़ान भरने के लिए । पर ऐसी आजाद उड़ान क्या सही दिशा में पहुँच कर मुकाम तय करेगी, इसकी किसे खबर। यह बात मैं उनके लिए नहीं कर रही जो 18 की उम्र को पार कर चुके हैं
 
आभा