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हत्यारों को पहचान पाना अब बड़ा मुश्किल है.

छत्तीसगढ़ के बस्तर में नक्सलियों की हिंसा के कारण ७८ से ज़्यादा लोगों की जानें चली गयी. बेशक नक्सली अपनी सफलता का जश्न मना रहे होंगे. लेकिन मानवता खून के आँसू रो रही है. लोग सवाल कर रहे है कि यह कैसा नक्सलवाद है..? यह कैसी विचारधारा है..? ये कैसा माओवाद है
 
गिरीश पंकज
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तेईस मार्च आता है अनगिनत सवालों के साथ

''सबसे  खतरनाक होता है हमारे सपनो का मर जाना...' पंजाब के क्रांतिकारी कवि पाश की ये काव्य-पंक्ति आज याद आ गयी. २३ मार्च को उनकी हत्या कर दी गयी थी. शायद इसलिए कि यही वह दिन है जब महान क्रांतिकारी भगत सिंग, सुखदेव एवं राजगुरू को भी फांसी पर लटकाया
 
गिरीश पंकज
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वसंत पर एक काव्यात्मक निबंध..

वसंत -  एक काव्यात्मक निबंध वसंत को मै एक महानायक के रूप में देखता हूँ. जीवन के मधुर गायक के रूप में देखता हूँ. इसके आगमन से सारी अनुभूतियाँ नवीन हो जाती हैं क्योंकि वसंत के जीवन में थके हुए उदास रंगों का कोई काम नहीं है. वसंत तो वसंत है,
 
गिरीश पंकज