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कृपा करो बिजली महारानी! (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक)

कल अपराह्न 3 बजे से हमारे शहर की बत्ती गुल है!आशा है कि आज दोपहर के पश्चात कुछ वैकल्पिक व्यवस्था हो पायेगी!तभी आप लोगों से सम्पर्क होगा!यह सूचना पोस्ट लैपटॉप से बमुश्किल लगा पाया हूँ।अब बिना बिजली के यह भी मजबूरी प्रकट कर रहा है।
 
डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक
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सम्पर्क

पिछले कुछ दिनों हिंदी के तीन प्रमुख साहित्यकारों से सम्पर्क का सौभाग्य मिला - उदय प्रकाश जी, डा. कमल किशोर गोयंका जी और उषा प्रियम्वदा जी।================================मेरे लिखे एक ई-मेल के उत्तर में उदय जी ने लिखा -Friday, May 1, 2009प्रिय अमरेन्द्र