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अघोरेश्वर भगवान राम जीः भ्रमण

प्रकृति के अवयव गुणों के भीतर रचित हैं । गुण तीन हैं । १, सत्वगुण  २, रजोगुण  ३, तमोगुण  । गुण विभाग से यह सृष्टि है अतः सर्वत्र तीनों गुण विद्यमान हैं । जिस गुण की विद्यमानता जहाँ अधिक परिमाण में होती है वहाँ उसका प्रभाव सहज दृष्टिगोचर
 
सुरेश पण्डा
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विश्व पर्यावरण दिवस (World Environment Day): क्या कुछ अहमियत है भी इसकी?

विश्व पर्यावरण दिवस आज विश्व पर्यावरण दिवस है – ऐसा दिवस जो दुनिया वालों को याद दिलाए कि उन्हें इस धरती के पर्यावरण को सुरक्षित रखना है, उसे अधिक बिगड़ने से रोकना है, उसे इस रूप में बनाए रखना है कि आने वाली पीढ़ियां उसमें जी सकें । लेकिन यह दिवस अपने
 
योगेन्द्र जोशी
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क्या हम प्रयोग करने से डरते हैं?

क्या आप जानते हैं कि सिकंदर जब भारत आया था तब उसने अपने 7000 की सैनिकों का पड़ाव एक बरगद के पेड़ के नीचे डाला था!  
 
पुनीत बिंद्लिश
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कुछ काम जो ऑनलाईन नहीं करना चाहिए

क्या आप जानते है की अपने फोटो ओंन लाईन करने से आप अपना इन्स्योरंस गँवा सकते हैं. या फिर एक ट्वीट आपको जेल भिजवा सकता है. या फिर हो सकता है की यदि आप मंत्री हैं तो आपकी कुर्सी चली जाये. या फिर फेसबुक पर सी आई डी वाले आपसे मेलजोल दोस्ती बड़ा रहे [...]
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सावधान! कलियुग आ रहा है :मानस खत्री की कविता

पैसों के लिए इंसान, इंसानों को बेंच खाएगा. बदले में २०० ग्राम आलू, १०० ग्राम चावल, ५० ग्राम दाल, ५ बूँद देशी घी लाएगा, इन सबको मिलाकर छोटी-छोटी गोलियाँ बनाकर, सुबह-शाम खाएगा.
 
Manas Khatri
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पश्चाताप :मानस खत्री

एक लड़की थी. उसका नाम था डिंकी. वो अपने माता-पिता की एकलौती संतान थी. दोनों ही उससे बहुत प्यार करते थे. डिंकी पढने के साथ-साथ विद्यालय की सारी गतिविधियों में सबसे आगे रहती थी. परन्तु उसमें एक कमी थी. वो घर में कोइ काम नहीं करती थी. जब भी उसकी माँ उससे
 
Manas Khatri
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लोकतंत्र की राह के कांटे

लोकतंत्र की राह के काँटेवीरेन्द्र जैनहमारे देश में लोकतंत्र ने कुछ इस तरह से अपनी जगह बनायी है जैसे कि रेल के जनरल डिब्बे में चार लोगों के बैठने की सीट पर पहले से ही छह लोग बैठे होते हैं और सातवाँ व्यक्ति अपनी बीमारी बुढापे या किसी अन्य दयनीयता का
 
वीरेन्द्र जैन
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आज भी फैले हैं अंधविश्वास

एक तरफ जहां सम्पूर्ण दुनिया के लोग विकास एवं प्रगति के नए कीर्तिमान स्थापित करने में लगे हुए हैं वहीं 21वीं सदी के इस वैज्ञानिकContinue Reading »
 
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दधीचि

मेरे मित्र जितेन्द्र सिंह राणा ने अपनी देह दान करने का संकल्प लिया है। इसके लिए उन्होंने मेडिकल कॉलेज जाकर अपना फॉर्म भर दिया है और घरवालों की सहमति भी प्राप्त कर ली है। उनकी पत्नी उनके निर्णय से सहमत है। उनके पिताजी ने भी अपनी आँखें दान करने का संकल्प
 
मनोज
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जात न पूछो बाबू की

डेढ़ टन सोना घर में रखने वाला डा. केतन देसाई सच्चे अर्थों में भारत रत्न पाने का हकदार है। उस सोने का बाजार मूल्य 1800Continue Reading »
 
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देश की दशा और दिशा चिन्तनीय है

वर्तमान परिस्थितियों में यह सोचने के लिए विवश होना पड़ता है कि हम कहीं गलत दिशा की ओर तो नहीं जा रहे हैं? किसी राष्ट्रContinue Reading »
 
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परिवार, गोत्र, जात, समाज, पंथ, देश और दुनिया

♦ पंकज झा दो रात के बाद मात्र एक दिन का होना या दो दिन के बाद मात्र एक रात को होते रहना, यह दोनों प्रकृतिContinue Reading »
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लोकतंत्र का बलात्कार होना बचा रह गया था, कांग्रेस ने वह भी कर दिया !

अब तो फिल्म देखे बरसों हो गये; पर छात्र जीवन में ऐसा नहीं था। उस समय फिल्म में नायक-नायिका के साथ एक खलनायक भी होताContinue Reading »
 
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हे आधुनिक कवि!!

हे आधुनिक कवि!  जिस पल तुम परेशान होकर ’क्या कविता लिखूँ’ कि उधेड़बुन में अपनी शर्ट की सिवन के साथ खेलते रहते हो… उस एक पल ही, न जाने कितनी कविताओं के पोशाकों की सिवन उधेड़ी जा रही होती है… उस एक पल ही, किसी दुनिया में कविताओं पर थोपी जा रही होती है
 
Pankaj Upadhyay (पंकज उपाध्याय)
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जीवन में खुश रहने का रहस्य :मानस खत्री

हम जब कोई कार्य शुरू करते हैं तो ये आवश्यक नहीं है कि हमें पहली बार में ही उसमें सफलता प्राप्त हो. किसी कार्य को करने में चाहे कितनी बार भी असफलता का सामना करना पड़े फिर भी अपनी सफलता के बारे में आशावादी रहना चाहिए. यदि हमारा उद्देश्य सही है तो हमें
 
Manas Khatri
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हिंदू धर्मं सन्देश-क्लेश वाला काम करने से बचें

मनुस्मृती  के अनुसार -----------------------------यत्कर्मकुर्वतोऽस्य स्यात्परितोषोऽन्तरात्म्न्ः।तत्प्रयत्नेन कुर्वीत विपरीतं तु वर्जयेत्।।हिन्दी में भावार्थ-जिस कार्य से मन को शांति तथा अंतरात्मा को खुशी हो वही करना चाहिये। जिस काम से मन को
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हिन्दू आतंकवाद के मायने !

भारत में स्वाधीनता के बाद भी अंग्रेजी कानून और मानसिकता जारी है। इसीलिए इस्लामी आतंकवाद के सामने हिन्दू आतंकवाद का शिगूफा कुछ कांग्रेसी नेता छेड़ रहे हैं। इसकी आड़ में वे उन हिन्दू संगठनों को लपेटने के चक्कर में हैं, जिनकी देशभक्ति तथा सेवा भावना पर
 
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पंचायत या पीड़ादायक...?

पंचायती राज की परिकल्पना की गयी थी, तो उसमें पंचों को इतना सुदृढ़ बना देने का भाव था की वे पंचायत पर आस्था रखने वाली आम जनता की भावनाओं की रक्षा के लिए हर कदम दमदारी से उठा सकें....खाप पंचायत जैसी पीड़ादायक परिणति की कल्पना तो उन्हें भी नही रही होगी,
 
छत्तीसगढ़ पोस्ट
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सविता भावी और बीमा एजेंट Savitaa bhaavee and Insurance agent

सविता भावी और बीमा एजेंट की मुसीबत वीरेन्द्र जैन हमारे यहाँ की पुराण कथाएं इस हद तक विश्वसनीय मानी जाती हैं कि लाखों करोड़ों लोग उन्हें सच्चा इतिहास मानते हैं। इन कथाओं के आधार पर मूर्तियाँ और मन्दिर बन जाते हैं, मेले लगते हैं जिनमें लाखों लोग एकत्रित
 
वीरेन्द्र जैन
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अघोरपथ के प्रसिद्ध स्थल

चित्रकूटअघोर पथ के अन्यतम आचार्य, भगवत स्वरुप दत्तात्रेय जी की जन्मस्थली चित्रकूट सभी के लिये तीर्थस्थल है । औघड़ों की कीनारामी परम्परा का उत्स यहीं से हुआ माना जाता है । माता अनुसूया जी का आश्रम तथा शरभंग ॠषि जो एक सिद्ध अघोराचार्य थे, का आश्रम, अघोर
 
सुरेश पण्डा
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हाशिए के हीरो-हिन्दी शायरी (hashie ke heero-hindi shayri)

अनेक संस्थानों के छपे हुए पत्रों केहाशिए पर उनका नाम भी नज़र आता है,दाव पैंच में हैं वह माहिर,नहीं करते अपनी चालाकी जाहिर,कहीं न कहीं उनको पद मिल ही जाता है।जनाब! हाशिए के हीरो बहुत अपने देश मेंचंद कदम चलते हैंतो अखबार में फोटो उनका छप जाता है। यही वजह है
 
दीपक भारतदीप
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मेरा होना और ना होना !

ऐसे समय में जबकिसत्ता के गलियारों में दबा दी जाती हैहर वो आवाज़जो सत्ता के विरुद्ध होमैं दूर तक फैली हुई खामोशी को देखता हूँ ।जबकि रोज़ हीमरते हैं या मार दिये जाते हैंनंगे, भूखे और बदरंग जानवर से आदमी मैं विकास की ओर अग्रसर भारत को देखता हूँ ।उन दिनों से
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वक्त की नज़ाकत समझिए

अभी थोड़ी पहले एक आलेख पढ़ रहे थे कि ऑनर किलिंग में लड़कियों को ही क्यों मारा जाता है लड़कों को क्यों नहीं। मूलतः यह प्रश्न ही गलत है अगर आप खाप पंचायतों के बारें जानते हैं तो आपको पता होगा कि वे ऑनर किलिंग के नाम पर लड़की और लड़के में बिना कोई भेद किए
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आइये स्वागत करें अपनी बहिन-बेटी के अविवाहित मातृत्व का..

शीर्षक देखकर चौंक गये होंगे पर चौंकिये नहीं, अब यही होने वाला है समाज में अगले कुछ वर्षों में। हाल के कुछ वर्षों में हमने समाज में जिस तरह से शारीरिक सम्बन्धों के स्वरूप को जिस प्रकार से मान्यता देने का काम किया है उसके अनुसार ऐसा होना आश्चर्य भरा नहीं
 
डॉ० कुमारेन्द्र सिंह सेंगर
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जातीय व्यवस्था की शिकार हो गई पत्रकार निरूपमा

अंग्रेजी अखबार बिजनेस स्टैंडर्ड की पत्रकार निरूपमा पाठक जातीय व्यवस्था की शिकार हो गई। दिल्ली में पत्रकारिता करने वाली निरूपमा झारखंड कोडरमा की रहने वाली थी। कोडरमा स्थित उसके घर में मौत हो गई। 29 अप्रैल को उसका शव पंखे से लटका पाया गया। उसकी मौत को
 
राजेश कुमार
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आखिर क्यों मृत्युदंड की सजा सुनाये लोगों की दया याचिकाएं लंबित हैं ?

आखिर क्यों समाज में न रहने लोग योग्य सरकार के खर्च पर जीवित हैं. क्यों उनकी दया याचिकाओं पर फैंसला नहीं हो पा रहा है. क्या राष्ट्रपति भवन के पास इतना भी समय नहीं है या फिर कोई और वजह है. क्यों क्यो मानवता के दुश्मन हमारी सरकार के खर्च पर जीवित हैं. जबकि
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जाति और धर्म के नाम बेटियों की बलि

एक मां ने अपनी बेटी की हत्या कर दी। सुनकर मन एक बारगी तो सुन्न पड़ गया। ऐसा कैसे हो सकता है एक उम्र के बाद मां बेटी का रिश्ता दो सहेलियों का सा हो जाता है, जो अपने सुख-दुख एक दूसरे के साथ शेयर करती है। माँ सिर्फ मां न रहकर बेटी की पथ-प्रदर्शक बन जाती है।
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क्या हम एक मूर्ख समाज है??

We are individually smart but collectively foolish as a society. कुछ दिन पहले रजनीश ने वी. रघुनाथन की किताब की इस पंक्ति का जिक्र किया तो मै घंटो इसके बारे मे सोचता रह गया… कितना कडवा है लेकिन ये एक सच है… हम बुद्धिजीवियो से भरे हुये लेकिन एक मूर्ख समाज
 
Pankaj Upadhyay (पंकज उपाध्याय)
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अघोर परम्परा के प्रसिद्ध स्थल

तारापीठइस स्थान पर दक्ष यज्ञ विध्वंश के पश्चात मोहाविष्ट शिव जी के कंधों से शिव भार्या दाक्षायणी, सती की आँखें भगवान विष्णु के सुदर्शन चक्र से कटकर गिरी थीं, इसीलिये यह शक्तिपीठ बन गया और इसीलिये इसे तारापीठ कहते हैं । मातृ रुप माँ तारा का यह स्थल
 
सुरेश पण्डा
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पहरेदारों ने लगाईं सुरक्षा में सेंध --- खतरा ही खतरा

सुरक्षा का सवाल और पहरेदारों का दगाबाजी करना....ये स्थिति कोई आज की नहीं पुरातन काल से चली आ रही है। राजा-महाराजाओं के दौर में भी कुछ व्यक्ति जासूसी के लिए रखे जाते थे और कुछ महिलायें भी अपनी सौन्दर्य-क्षमता से शत्रु राजाओं के भेद लेने की कोशिश में लगी
 
डॉ० कुमारेन्द्र सिंह सेंगर
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खबरें इधर-उधर की

सफेदा लगाकर बदल डालारायगढ़। दिवंगत व्यक्ति के नाम पर तहसीलदार न्यायालय से जारी काम रोको आदेश पर सफेदा लगाकर मृतक के पुत्र के नाम पर आदेश तामिल करा लेने का अजीबो-गरीब मामला सामने आया है। जबकि आदेश तामिली के एक दिन बाद तहसीलदार न्यायालय में संशोधन आदेश
 
नरेश सोनी
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खबरें इधर-उधर की

सरकारी एम्बुलेंस में बारातकांकेर। सरकारी एम्बुलेंस में बाराती ले जाने का मामला प्रकाश में आया है। जिसकी शिकायत करने चारामा वाहन चालक संघ आज स्वास्थ्य अधिकारी को किये जाने के बाद कांकेर में शिकायत दर्ज कराई। वाहन चालक संघ के सदस्यों ने अपनी शिकायत में
 
नरेश सोनी
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अघोर परम्परा के प्रसिद्ध स्थल

हिंगलाज धामअघोरपथ के अनेक पुन्य स्थलों में से एक हिंगलाज वर्तमान पाकिस्तान देश के बलुचिस्तान राज्य में अवस्थित है । यह स्थान सिंधु नदी के मुहाने से १२० किलोमीटर और समुद्र से २० किलोमीटर तथा कराची नगर के उत्तर पश्चिम में १२५ किलोमीटर की दूरी पर हिंगोल नदी
 
सुरेश पण्डा
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माया की माया

माया की माया अपरम्पार है. इनके प्रशंसक इनके गलत कामों में भी अच्छाई ढूढ़ लेते हैं. एसी रूम या न्यूज़ चैनल के दफ्तर में बैठ कर माया का गुणगान करने वाले जमीनी हकीकत से उतने वाकिफ नहीं होते जितनी वे बातें करते हैं.माया की मायागिरी ने कानपुर की मस्तमौला छवि
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इंसान ऐसे भी होते हैं

लोग चिल्ला रहे थे. वह भी चिल्ला रहा था. लोग गालियाँ सुना रहे थे. वह भी गालियाँ सुना रहा था. मैनें कहा : इंसान ऐसे होते हैं. लोग चिल्ला रहे थे. वह शांत था. लोग गालियाँ सुना रहे थे. वह मुस्करा रहा था.. मैनें कहा : इंसान ऐसे भी होते हैं वह चिल्ला रहा था.
 
Razia
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आईपीएल बनाम नेता : क्या किसी पत्रकार में हिम्मत है ?

अभी दूरदर्शन पर नेताओ को आईपीएल को लेकर भ्रष्टाचार भ्रष्टाचार चिल्लाते देखा एक बार देखने से ऐसा लगेगा की हाँ ये वाकई भ्रष्टाचार को भारत से ख़त्म करने के लिए प्रतिबद्ध है ।पर क्या वाकई में ऐसा है ????????विरोधाभास देखिये आइपीएल पर करीब 1800 करोड़ रूपये का
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अघोर परम्परा के प्रसिद्ध स्थल

अघोर परम्परा के प्रसिद्ध स्थलअघोरपथ के पथिक, सिद्ध, महात्मा, संत,अवधूत,अघोरेश्वर जिन स्थलों में रहकर साधना किये हैं , तप किये हैं, वे स्थल जाग्रत अवस्था में आज भी साधकों को साधना में नई उँचाइयाँ प्राप्त करने में सहयोगी हो रहे हैं ।  इन स्थलों में
 
सुरेश पण्डा
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जय भीम, जय भारत। कोऊ हमाओ का उखारत।। (हमारा मानसिक संतुलन ठीक है, और आपका....?)

किसी को मारने का सबसे आसान तरीका क्या है? घबराइये नहीं, किसी की हत्या करने अथवा करवाने का मन नहीं है, बस मन आया तो पूछ लिया। पहले कभी सुन रखा था कि किसी को मारना हो (जान से या फिर धन से) तो उसको चुनाव लड़वा दो। हो सकता है कि किसी समय में यह बात अपने आपमें
 
डॉ० कुमारेन्द्र सिंह सेंगर
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फूंक से समाज में डर

क्या आपको डर लगता है। क्या आप भूत-पिशाच में यकीन रखते हैं। यदि रखते हैं तो आपको यही सलाह दी जाएगी कि कृपया डर में ज्यादा डूबने से बचें। हो सकता है ये आपकी जिंदगी के लिए खतरा बन जाए। कई लोग तो ये मानते हैं कि ज्यादा डर लगना यानि आपको मनोरोग ने घेर लिया
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गोत्र के पिशाच से सावधान

वक्त बदल गया लेकिन लोग नहीं बदलें। उनकी मानसिकता वही सदियों पुरानी है। आज जमाना तेजी से बदल रहा है, रहन-सहन का तरीका बदल रहा है, लेकिन क्या वजह है जो लोगों की मानसिकता नहीं बदल रही। रूढ़िवादिता को लेकर एक बार फिर बहस चल रही है। हरियाणा एक बार फिर
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