कैसी विडम्बना है, अपना ब्लॉग लिख सकती हूँ किन्तु पढ़ नहीं सकती!............घुघूती बासूती
आजकल नेट पर आना, ब्लॉग पढ़ना बहुत कम हो गया है, लिखना तो लगभग छूट ही गया है। कमी थी तो कल से मैं कोई भी ब्लॉगस्पॉट वाला ब्लॉग नहीं खोल पा रही हूँ। ब्लॉगवाणी खुल जाती है किन्तु वहाँ से लोगों के ब्लॉग नहीं खुलते, केवल वर्डप्रेस वाले या .com वाले खुलते हैं।
May 24 2010 08:38 PM



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