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मस्तमौला (कविता)

वो तो हमेशा से वैसे ही रहे हैं बेफिक्र,मस्तमौला, समय के बदलते पल ने उन्हें कभी नहीं बदला चाहे वसंत हो,सर्दी हो या गर्मी मानो वही समय के बदलते हरेक पल को मुँह चिढ़ा रहे हों कि देखो तुम्हारे बदलने से, हम जैसों की दुनिया नहीं बदलती जो अर्धनग्न,बिना किसी
 
राहुल सि‍द्धार्थ
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एम्स की एक रात

दो दिन पहले aiims(all इंडिया institute ऑफ़ मेडिकल science) जाना हुआ था क्योंकि मेरे एक अंकल को वहॉ पेसमेकर लगना था।जाते वक्त ऐसा नहीं सोचा था कि वहॉ रात को रूकना होगा फिर भी हाफ स्वेटर के साथ -साथ जैकेट भी डाल ही ली। वहॉ पहुंचने पर पता चला कि अंकल जी
 
राहुल सि‍द्धार्थ