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रिश्ते यु भी बनते हैं

कभी सोचा भी नहीं था की दूर कहीं झारखंड में मेरा कोई अपना होगा ,वो  जिसे मैंने अब तक देखा ही नहीं ,जिसका नाम भी आज से दो साल पहले तक मैंने नहीं सुना था .एक दिन अचानक  जैसे ईश्वर ने ही खुश होकर मेरे लिए किसी को भेजा हो, ऐसा ही प्यारा सा रिश्त
 
डॉ.राधिका उमडे़कर बुधकर
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बाजे मुरलिया बाजे ..................................

संगीत की होरी बरसाती मुरली ,सुर,श्रुतिमय सुंदर रंग बिखेरती मुरली . मुरली ,बंसरी ,बाँसुरी ...... वंसी , वेणु , वंशिका कई सुंदर नामो से सुसज्जित हैं बाँसुरी का इतिहास , प्राचीनकाल में लोक संगीत का प्रमुख वाद्य था बाँसुरी । अधर धरे मोहन मुरली पर , होठ प
 
राधिका बुधकर
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महानाटक ..........वीणा

नाटक शब्द से हम सभी परिचित हैं ,मराठी नाटक,हिन्दी नाटक ,गुजराती नाटक ,बंगाली नाटक,तमिल नाटक और नन्हे मुन्ने बच्चो का शरारत और मासूमियत से भरा नाटक । लेकिन क्या आपने महानाटक भी सुना हैं ,शयद आप सोचेंगे बहुत बडा नाटक यानि महानाटक ...जी नही मैं यहाँ जिस
 
राधिका बुधकर