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संग ठन जाये ब्‍लॉगरों की आपस में ऐसा संगठन कभी नहीं चाहूंगा (अविनाश वाचस्‍पति)

होली का मजाक न समझें बिल्‍कुल गंभीर हूंसंग ठन जायेब्‍लॉगरों मेंऔर गठन चाहेमैं ऐसा नहीं हूं।साथ लेकर चलता हूंअब अकेला नहीं हूंअकेला नहीं रहने दूंगासबको साथ लेकर चलूंगासब आयेंगे साथ मेरेमन है विश्‍वास।समस्‍यायें सबकी साझी हैंविश्‍वास सबका साझा हैइकट्ठे
 
अविनाश वाचस्पति