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इतना विशाल देश.. क्या अकेले मेरे बस में ?

हरतरफ़ चर्चा है, कि देश मुसीबत में हैं, आतंकी इसे रौंद रहे हैं, घोटाले इसे लील रहे हैं ! सत्यम भी आख़िरकार असत्यम साबित हो रहा है ।  अब, भला आप ही बताइये, मैं अकेला क्या कर सकता हूँ ?  कल जोड़ने बैठा तो .. देश की आबादी निकली : 100 करोड़ [...]
 
डा. अमर कुमार
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तुम पार नेट परमेश्वर तुम ही नेट पिता

  ॐ जय गूगल हरे, स्वामी जय गूगल हरे फ़्रस्ट (एटेड ) जनों के संकट, त्रस्त जनों के संकट एक क्लिक में दूर करे ॐ जय गूगल हरे… जो ध्यावै सो पावै [...]
 
डा. अमर कुमार
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तुम पार नेट परमेश्वर तुम ही नेट पिता

  ॐ जय गूगल हरे, स्वामी जय गूगल हरे फ़्रस्ट (एटेड ) जनों के संकट, त्रस्त जनों के संकट एक क्लिक में दूर करे ॐ जय गूगल हरे… जो ध्यावै सो पावै [...]
 
डा. अमर कुमार
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जीवनदास को कड़ी से कड़ी सजा दी जाये

बड़े दिनों से यह “ चलता रहे.. चलता रहे.. “ देख व सुन रहा हूँ । यूँ तो मैं ’ निट्ठल्ला इफ़ेक्ट ’ से इतना पका हुआ हूँ कि, टेलीविज़न बहुत ही कम देखता हूँ । एक म्यान में दो तलवारें वैसे भी कहाँ रह पाती हैं ? अरे, निगोड़ी ब्लागिंग को शामिल न भी [...]
 
डा. अमर कुमार
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जीवनदास को कड़ी से कड़ी सजा दी जाये

बड़े दिनों से यह “ चलता रहे.. चलता रहे.. “ देख व सुन रहा हूँ । यूँ तो मैं ’ निट्ठल्ला इफ़ेक्ट ’ से इतना पका हुआ हूँ कि, टेलीविज़न बहुत ही कम देखता हूँ । एक म्यान में दो तलवारें वैसे भी कहाँ रह पाती हैं ? अरे, निगोड़ी ब्लागिंग को शामिल न भी [...]
 
डा. अमर कुमार
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पता नहीं क्यों ?

लगता है, आजकल मैं निष्क्रीय हूँ… पूरी तौर पर तो नहीं, कम ब कम ब्लागर पर निष्क्रीय तो हूँ ही.. पता नहीं क्यों ? इस पता नहीं क्यों का ज़वाब तलब करियेगा, तो टके भाव वह भी यही होगा कि, ” पता नहीं क्यों ? “ यह पता नहीं क्यों हमेशा एक नामालूम
 
डा. अमर कुमार
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पता नहीं क्यों ?

लगता है, आजकल मैं निष्क्रीय हूँ… पूरी तौर पर तो नहीं, कम ब कम ब्लागर पर निष्क्रीय तो हूँ ही.. पता नहीं क्यों ? इस पता नहीं क्यों का ज़वाब तलब करियेगा, तो टके भाव वह भी यही होगा कि, ” पता नहीं क्यों ? “ यह पता नहीं क्यों हमेशा एक नामालूम
 
डा. अमर कुमार