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भाग ल अजमावत हावय

दिन-रात पोंगा ल, वजावत हावयंघर-घर म जाके, रिरियावत हावंयअईसन छाये हे, चुनावी मऊसमचारो खूंट मनखे, बगरावत हावंयकोन्हों कुछु करंय त झन करंयफेर, लोगन ल आसरा देवावत हावयनान-नान लईका, जंवरिहा, सियानदारू पीरे बन गेहें मितान'नल', 'जांता' अऊ 'पत्ती' छापासब्बो
 
संजीव तिवारी .. Sanjeeva Tiwari