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हां बाई हां ...........................मेरी ही है.....................

-------------------विश्वास नहीं हुआ ना तो अब देख भी लिजीये..........सच में टूटी है..............-------------------धन्यवाद शुभकामनाओं के लिए .........!!!!!!!!!!!!!!!!
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शहीद दिवस

आज 30 जनवरी है.शहीद दिवस.महात्मा गांधी की पुण्यतिथि.आज के दिन इन्हें गोली मारी गई थी.यह पिछली सदी की सबसे बड़ी नियोजित हत्या थी.इस हत्या के पीछे अब तक चला आता हुआ विचार था.धार्मिक चरमपंथ की खाद में पलनेवाली सत्ताकामियों की सबसे क्रूर महत्वाकांक्षा.गांधी
 
शशिभूषण
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डॉ0 कालिका प्रासाद चमोला नही रहे

केन्द्रीय विद्यालय संगठन , जयपुर  के सहायक आयुक्त डा। कालिका प्रासाद चमोला का दिनॉक 14.01.2010 को निधन हो गया । वे 46 वर्ष के थे और पिछले चार माह से लीवर की बीमारी से पीड़ित थे। तबियत बिगड़ने पर उन्हे दिनॉक 14.01.2010 को जयपुर के अपेक्स अस्पताल मे
 
vijay gaur/विजय गौड़
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गोरेगांवचे सामंतगुरुजी गेले.

” मधुदादा, अखेर तुम्ही आम्हाला सोडून गेला.” त्या दिवसात अण्णा आई वेंगुर्ल्याला होते.अर्थात अण्णा अंथरूणात आजारी असल्याने ती दोघं येऊ शकली नाहीत. सुधाकर पण त्यांच्या बरोबर होता. मी अक्काच्या लग्नाच्या वेळेची आठवण येऊन म्हणतोय. मला वाट्तं ते
 
shrikrishnasamant
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एक विरासत का अन्त

हिम आहुजा (लेखक एक शोधकर्ता हैं जो आजकल टौंस घाटी, जिला उत्तरकाशी में कार्यरत हैं) माधो सिंह भण्डारी को कौन नहीं जानता? वीरता की मिसाल, उनका नाम पूरे गढ़वाल में जाना जाता है। किन्तु दले सिंह जड़यान इतने भाग्यशाली नहीं। अपितु वीर सही, रवांई क्षेत्र में
 
vijay gaur/विजय गौड़
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धूमिल को श्रद्धांजली

आज महान क्रांतिकारी कवि धूमिल का जन्म दिवस है .प्रस्तुत कविता धूमिल की आखिरी कविता का अंश  है .इसी कविता के साथ अपने अतिप्रिय कवि को भावभीनी श्रद्धांजली। शब्द किस तरह कविता बनते हैं इसे देखो अक्षरों के बीच गिरे हुए आदमी को पढ़ो क्या तु
 
रंगनाथ सिंह
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क्लाड लेवी-स्ट्रास का अवसान

विख्यात नृवंशशास्त्री(एंथ्रोपोलाजिस्ट) क्लाड लेवी-स्ट्रास की जब 101 वर्ष की उम्र्र में मृत्यु हुई तो लोग एक बारगी चौंक गए। ऐसा इसलिए कि वे पिछले लंबे वक्त से खमोशी से चर्चाआंे और प्रचार से दूर जी रहे थे और उनकी सशरीर उपस्थिति को लोग भूल से
 
रंगनाथ सिंह
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भगत सिंह और उनके सभी साथी अमर रहें

आज भगत सिंह का जन्मदिन है। किसी भारतीय को यह बताने की जरूरत नहीं है कि भगत सिंह कौन थे। आज मीडिया ने भगत सिंह को कितना याद किया मुझे नहीं पता। खैर भगत सिंह कोई गाँधी नहीं है कि जिनके विचार को बाजार और सरकार सुविधापूर्वक प्रचार कर सकें। मैंने कल
 
रंगनाथ सिंह