जब गुरुदेव से प्राप्त हुई - पराम्बा दीक्षा
जिस प्रकार एक बालक मां के गोद में होता है और मां उसके सर पर हाथ फेरती हुई निर्भयता प्रदान करती है उसी प्रकार सदगुरुदेव अपने शिष्य के मस्तक ललाट पर स्पर्श कर उसे शक्ति से युक्त करते है। यही तो शक्तिपात की क्रिया है। जिसमे शक्ति का एक अविरल प्रवाह गुरु से
Sep 03 2009 07:54 PM



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