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म्याऊँ करके उसे चिढ़ाती : आकांक्षा यादव की नई शिशु कविता

म्याऊँ करके उसे चिढ़ाती दिन-भर टें-टें करता रहता, राम-नाम भी जपता रहता। बहुत प्यार से मैंने पाला, मेरा तोता बहुत निराला। उसको मिर्ची ख़ूब खिलाती, पानी लाकर उसे पिलाती। म्याऊँ करके उसे चिढ़ाती, बिल्ली से मैं उसे बचाती। आकांक्षा यादव
 
रावेंद्रकुमार रवि