शाहिद कबीर
जन्म: मई 1932निधन: मई 2001किसी अमीर को कोई फ़क़ीर क्या देगाग़ज़ल की सिन्फ़ को शाहिद कबीर क्या देगालेकिन शाहिद कबीर ने ग़ज़ल को जो दिया है उससे यक़ीनन ग़ज़ल और अमीर हुई है। फ़क़ीर इस दुनिया को वो दे जाते हैं, जो कोई अमीर नहीं दे सकता। फलों से लदी टहनियां हमेशा
Mar 22 2010 06:28 PM



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