शहनाई खामोश नहीं हुई है दोस्त (सपने में बिस्मिल्ला खान से बातचीत)
सपने में बिस्मिल्ला खान से बातचीतखां साब बेहद सुस्त नजर आ रहे थे। बनारस में अपने घर के बरामदे पर चुपचाप बैठे सामने की ओर देख रहे थे। उनके समीप बैठकर मैं भी चुपचाप उन्हें देखे जा रहा था। उनकी खामोशी टूटी, और कहा, जनाब, एक बात जानते हो, जिदंगी कुछ
Mar 22 2010 01:31 PM



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