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शहीद - ए - आजम भगत सिंह 1

शहीद - ए - आजम भगत सिंह 1भारत माता जब रोती थी, जंजीरों में बंध सोती थी .पराधीनता की कड़ियाँ थीं,जकड़ी बदन पर बेड़ियाँ थीं .देश आँसुओं में रोता था,ईस्ट इंडिया को ढ़ोता था .भारत का शोषण होता था,नैसर्गिक संपत्ति खोता था .दुर्दिन के दिन गिनता था,हर साल अकाल को