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पुरस्‍कार प्रकरण: गगन गिल के पक्ष में तेजी ग्रोवर का पत्र

साजिद रशीद और चिदंबरम की जबान एक क्‍यों है? [15 June 2010 | Read Comments | ] विश्‍वदीपक ♦ रशीद ने माओवादियों के प्रतिरोध को ‘सामूहिक दमन’ की कार्रवाई बताया है। लगता है वो ‘वैदिकी हिंसा हिंसा न भवति’ में भरोसा रखते हैं। वरना कोई कारण नहीं कि वो
 
अविनाश
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साहित्‍यकार मीडिया में गुमनाम क्‍यों हैं?

रूमान से भरी अरुंधती मूर्खों जैसे सपने देख रही है [14 June 2010 | Read Comments | ] साजिद रशीद ♦ अरुंधती ने ‘आउटलुक’ के अपने लेख में नक्सलवादियों की हिंसा को दुरुस्त ठहराने के लिए जो रोशनाई खर्च की थी, उसमें अब ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस के उन डेढ़
 
अविनाश
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तुम्‍हारी भाषा गंदी हो गयी है, उसमें विचार आ गये हैं

स्टिंग में फंसे... [4 June 2010 | Read Comments | ] डेस्‍क ♦ प्रयाग महिला विद्यापीठ में एमए हिंदी की मौखिक परीक्षा के दौरान परीक्षार्थियों से पांच-पांच सौ रुपये घूस लेते हुए एक अध्‍यापिका कैमरे में कैद हो गयी है। Read the full story »दलित की
 
अविनाश
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रामबिलास शर्मा… वह एक मशाल-सा कोई…

निरुपमा के जाने के बहुत बाद, जब गुबार थम जाए [22 May 2010 | Read Comments | ] दिलीप मंडल ♦ आने वाले दिनों में और कई निरुपमाओं की जान बचानी है तो उस वर्ण व्यवस्था की जड़ों को काटने की जरूरत है, जिसकी अंतर्वस्तु में ही हिंसा है। निरुपमा की हत्या
 
अविनाश
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हृषिकेश सुलभ को इंदु शर्मा कथा सम्‍मान, लंदन जाएंगे

गांधी पर एक और गदहपचीसी : जेड एडम्‍स की किताब [19 April 2010 | Read Comments | ] आवेश तिवारी ♦ सवाल ये नहीं है कि जेड एडम्स के द्वारा गांधी जी के सेक्सुअल जीवन की मीमांसा में सच कितना, झूठ कितना है। सवाल ये है कि इसके जरिये जेड हिंदुस्तान को और
 
अविनाश
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कथाकारों ने वर्धा में विभूति के प्रयासों की सराहना की

♦ सूरज प्रकाश कथा समय 2010 का उदघाटन 29 जनवरी की शाम सुप्रसिद्ध कथाकार सेरा यात्री ने किया। इस सत्र की अध्यक्षता विभूति नारायण राय ने की, जबकि बीज वक्तव्‍य असग़र वजाहत ने दिया। कार्यक्रम का संचालन राकेश श्रीवास्तव ने किया और साहित्य विद्यापीठ के डीन सूरज
 
अविनाश
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हे हिंदी के कथाकारो, सामंतवाद के गढ़ में आपका स्‍वागत है

ठग है, दीवालिया है, झूठा है और पद्म भूषण है [27 Jan 2010 | Read Comments | ] आलोक तोमर ♦ सरदार चटवाल को सरदार मनमोहन सिंह की सरकार ने भारत का विभूषण माना और पद्म भूषण सम्मान दिया तो इसमें न सिर्फ संविधान का उल्लंघन हुआ है, न सिर्फ भारत की सबसे
 
अविनाश
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लेखकीय शालीनता के उल्लंघन के लिए माफी मांगें गौरीनाथ

उपेंद्र चौहान ♦ 2008 में बिहार में जो भयानक बाढ़ आयी थी, उसमें गौरीनाथ सपरिवार फंसे हुए थे। उनकी पत्नी ने खगेंद्र जी को फोन पर इसकी जानकारी दी थी और मैं देख रहा था कि खगेंद्र जी गौरीनाथ और उसके परिवार को बाढ़ से उबारने के लिए कितने बेचैन थे। खगेंद्र जी
 
अविनाश