तसव्वुर
तसव्वुर मे जीना ही ज़िन्दगानी है , तमन्नाओं के सहारे रवानी है।मुक़द्दर मे क्या लिखा कैसे जाने हम, मुसलसल कोशिश सफ़लता की बानी है।पहाडों सी, खुशियां हासिल हुई है पर , ग़मों की तक़दीर भी आसमानी है ।समन्दर स्र मेरा मजबूत है रिश्ता , किनारों पर बेबसी की कहानी है
May 28 2010 07:59 AM



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