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वेलेंटाइन डे : मंटो के बहाने अनूठी मोहब्‍बत के चंद अफसाने

http://mohallalive.com/2010/02/14/valentine-day-special-writeup-by-chandidutt-shukla/ से साभार...कहते हैं, दिल की लगी क्या जाने ऊंच-नीच, रीत-रिवाज, घर-बिरादरी और लोक-लाज। फिर क्यों भला मोहब्बत के अफसाने सुनते-सुनाते वक्त भी किसी लड़की की निगाह लड़के
 
चण्डीदत्त शुक्ल
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क्यूँ मनाये हम...वेलेंटाइन डे??

प्यार के कितने रूप होते है ये किसी को बताने की आव्सय्कता नहीं है......लेकिन आज इसे केवल प्रेमी और प्रेमिकाओं से जोड़ दिया गया है.हमारे देश में सदियों से प्रेम का इजहार सभ्य तरीकों से होता आया है जिसे समाज की मान्यता भी थी.कभी किसी ने मर्यादा तोड़ने की
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ढाई आखर प्रेम के

क्या आप क्लाडियस को जानते हैं। शायद नहीं। क्लाडियस रोम के राजा थे। उनका मानना था कि ताकत और परिश्रम के लिए ब्रहमचर्य अति आवश्यक है। उनकी सेना के लडाके कुंआरे थे। लेकिन एक शख्स ने उनसे लोहा लेने की ठानी। वे थे संत वेलेंटाइन। उन्होंने सेना के कई लडाकों की
 
pankaj mishra