पढिये ये इंद्रजाल कॉमिक्स (किसी हिन्दी चिट्ठे पर पहली बार.)
मित्रों के आग्रह पर प्रस्तुत कर रहा हूँ एक छोटी सी वेताल कथा: "जंगल का ओझा". केवल दस पृष्ठों में सिमटी इस कहानी का आनंद लीजिये. पृष्ठों के बड़ा करके देखने के लिए थम्बनेल्स पर क्लिक कीजिये. ये कॉमिक्स सन १९८८ में प्रकाशित हुई थी। यानी आज से बीस वर्ष प
Aug 23 2008 03:30 PM



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