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“मूवी” में “मैजिक” कैसे होता है. आइए देखें

ये तो सभी जानते हैं कि फ़िल्मों की कहानियां काल्पनिक होती हैं. ये भी जानते हैं कि फ़िल्मों में कम्प्यूटर की सहायता से विशेष प्रभाव पैदा किये जाते हैं. आजकल तो साधारण से साधारण दिखने वाले दृश्यों को भी “बनाया” जाता है.
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बारां बिन्द (कवि अमृत 'वाणी' कविता बाल विवाह पर आधारित )

रचनाकार कवि अमृत'वाणी (अमृत लाल चंगेरिया कुमावत )रिकॉर्ड :- 28/2/2009
 
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कवि , कविता और श्रोता (कवि अमृत 'वाणी')

रचना कार कवि अमृत'वाणी (अमृत लाल चंगेरिया )रिकॉर्ड :- 28/2/2009
 
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कवि , कविता और श्रोता (कवि अमृत 'वाणी')

रचना कार कवि अमृत'वाणी (अमृत लाल चंगेरिया )रिकॉर्ड :- 28/2/2009
 
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इसके लिए मंच नहीं, मन चाहिए....

इनके लिए मेरे पास कहने के लिए शब्द नहीं हैं, खुद देखिये और शब्द गढ़िये....
 
राहुल
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डमरू वाले बाबा चले ब्याह रचाने - बहुत मजेदार वीडियो

बहुत दिनों से मैं इस वीडियो की तलाश में था. लगभग बीस साल पहले टीवी पर चित्रहार में यह गाना देखा था. बेहद मनोरंजक और दर्शनीय. आप भी देखिये. फिल्म का नाम पता चले तो बताइयेगा.
 
निशांत
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देखिये, पाकिस्तानी अपने बच्चों को कैसी घुट्टी पिलाते हैं!

आज मयखाना ब्लौग पर १९५०-६० में बनी पाकिस्तानी फिल्म 'बेदारी' के एक गाने को देखकर मुझे उसी फिल्म का यह गीत याद आ गया जो सरासर हमारी पुरानी महान फिल्म 'जाग्रति' की भोंडी नक़ल है. इसमें बच्चों को उनका मास्टर पाकिस्तान को संभालने के लिए कह रहा है. वह उन्हें
 
निशांत
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