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हुसेन प्रकरण : क्या विष्णु खरे ने बूढ़े कन्धों से सेक्युलरिज्म का `भार` उतार फेंका?

विष्णु खरे को उनके `मित्र` ज़िद की हद तक सेक्युलर कवि-चिन्तक बताते रहे हैं। `लालटेन जलाना` समेत उनकी दो किताबें (कविता की) मैंने पढ़ी हैं और वाकई मुझ पर उनकी कई कविताओं का गहरा असर हुआ है। मसलन दिल्ली में मुसलमानों की हत्या के प्रसंग को लेकर उनकी एक कविता
 
Ek ziddi dhun
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बाबा विष्णु खरे, मुलाक़ात, मेट्रो में राधेश्याम

आज दोपहर हम लोग घूमने निकले ... प्लान पहले से तय नहीं था ... रविवार है इसलिए मेरे पास भी पूरा वक्त था . पहले प्लान फिल्म सिटी , सेक्टर -१६ नॉएडा जाने का था फिर प्लान ... मंडी हाउस का बन गया . वहां बाबा श्री विष्णु खरे जी से मुलाकात करना था ।कार्यक्रम
 
DONGRE तृष्णा