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स्वामी विवेकानंद की जयंती

आज भारत के महान सपूत स्वामीविवेकानंद जी की जयंती है उनको याद करके हम गौरव का अनुभव कर रहे है हमारा उनको सादर प्रणाम !
 
नारदमुनि
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विवेकानंद जयंती

स्वामी जी की वह रचना मुझे बहुत अच्छी लगी जिसमे कहा गया सर्प अपने फन तभी फैलाता है,  जब उसे चोट लगती है।अग्नि तभी धधक कर जलती है जब वह बुझने को होती है।शेर की गर्जना तभी लोगो को कम्पित करती है,जब वह खुले रेगिस्तान में दहाड़ता है।बादलों से बरसात तभी