पसंद करें
0
नापसंद करें

विमलेंदु की कविता

विमलेंदु की कविताएँ मैंने पहली बार वसुधा में पढ़ी.तब से इनकी कविताएँ मुझे पसंद हैं.कुछ तो मुझे याद सी हो गई हैं.कविता में विमलेंदु का अपना निजी टोन है बिल्कुल उनकी सुंदर आवाज़ जैसा ही जो तुरंत आकर्षित कर लेता है.सहज किंतु गाढ़ी भाषा.संवेदनशील कहन और अपने
 
शशिभूषण