पसंद करें
0
नापसंद करें

अग्नि पथ! अग्नि पथ! अग्नि पथ!

वृक्ष हों भले खड़े, हों घने,हों बड़े, एक पत्र-छाँह भी माँग मत,माँग मत, माँग मत!अग्नि पथ! अग्नि पथ! अग्नि पथ! तू न थकेगा कभी!तू न थमेगा कभी!तू न मुड़ेगा कभी!कर शपथ! कर शपथ! कर शपथ!अग्नि पथ! अग्नि पथ! अग्नि पथ!यह महान दृश्‍य हैचल रहा मनुष्‍य
 
विनीत खरे