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दवा कंपनियों का षड्यंत्र थी स्वाइन फ्लू चेतावनी

पिछले साल स्वाइन फ्लू महामारी ने पूरे विश्व को हिला कर रख दिया था। मगर यह कभी महामारी थी ही नहीं बल्कि दवा कंपनियों द्वारा फैलाया गया षड्यंत्र था! हाल ही में आई एक रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि स्वाइन फ्लू महामारी की घोषणा एक भयंकर भूल थी। धन के लालच
 
कुमार राधारमण
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'असली भारत' की बीमारियों पर नहीं होता खर्च

देश में सबसे ज्यादा मौतें कालाजार, टीबी, मलेरिया, डेंगू और जापानी बुखार से होती हैं लेकिन इन बीमारियों से ल़ड़ने के लिए दवा कंपनियां और विशेषकर विदेशी कंपनियां सबसे कम पैसा खर्च कर रही हैं। जो कुछ शोध भारतीय बीमारियों के हिसाब से हो रहा है वह देसी
 
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उन्हें क्यों कड़वी लगती हैं मीठी गोलियां-डा. ए.के.अरूण

विगत कुछ वर्षो से दुनिया में होम्योपैथी पर एलोपैथिक लाबी का आक्रमण कुछ ज्यादा ही हो रहा है। अभी पिछले सप्ताह ब्रिटेन के जूनियर डाक्टरों के एक संगठन ने होम्योपैथी को जादू-टोना कहकर इसे प्रतिबंधित करने की मांग की है। ब्रिटिश मेडिकल एसोसिएशन ने एक प्रस्ताव
 
कुमार राधारमण
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मेडिकल शिक्षा की निगरानी

आम जनता को इससे कोई मतलब नहीं कि मेडिकल कालेजों का नियमन मानव संसाधन विकास मंत्रालय करे अथवा स्वास्थ्य मंत्रालय? उसके लिए महत्वपूर्ण यह है कि मेडिकल कालेज मानकों के हिसाब से चलें। मेडिकल शिक्षा को नियंत्रित करने को लेकर इन दोनों मंत्रालयों में खींचतान
 
कुमार राधारमण
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उपेक्षित बीमारियों के इलाज़ से ही मिटेगी ग़रीबी

विकसित देश गरीबों और अमीरों, दोनों को एक साथ आक्रांत करने वाले वायरस संक्रमण के ग्लोबल खतर से अनजान नहीं है। सार्स, एवियन फ्लू, स्वाइन एन्फ्लुएंजा से ग्लोबल इकोनॉमी को 200 अरब डॉलर का नुकसान हो चुका है। ये संक्रमण बीच-बीच उभरते रहते हैं और माना जाता है
 
कुमार राधारमण
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सेहतमंद हो रहा दवा उद्योग

आज जो भारतीय दवा कंपनी है, कल वही विदेशी चोला ओढ़ सकती है। यह चलन बढ़ रहा है और पिरामल घराने ने फॉर्म्यूलेशन से जुड़ी अपनी संपत्ति (कंपनी नहीं और न ही हिस्सेदारी) 17,000 करोड़ रुपए में एबॉट के हाथों बेचकर अच्छा सौदा किया है। यह किसी भारतीय दवा कंपनी की
 
कुमार राधारमण
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कम आयु के विवाह - कम क्षमता का राष्ट्र

इस बार बाल विवाह दिवस ‘अक्षय तृतीया’ के ठीक एक दिन पहले अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस आया। अब ऐसे विवाह कम होते हैं, जिनमें उम्र परिवार को बाल-लीलाओं से प्रसन्न करने की होती है। जिस तरह परिवार टूटे हैं, और एकल पति-पत्नी के कुनबे अलग हुए हैं, वे भी बाल विवाह
 
कुमार राधारमण
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क्या होम्योपैथी महज झाड़-फूंक है?

अभी लंदन में होम्योपैथी को लेकर विवाद उठा। ब्रिटिश मेडिकल एसोसिएशन ने इसे झाड़-फूंक की संज्ञा दी। इस विवाद की वजह भी यही है कि ब्रिटेन की नेशनल हेल्थ सर्विस (एन.एच.एस.) होम्योपैथी पर सालाना चालीस लाख पौंड खर्च कर रही है और आश्चर्यजनक रूप से वहां के
 
कुमार राधारमण
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शीतल पेय में जहर पर छाई चुप्पी

पिछले कुछ वर्षों में, कोल्ड और सॉफ्ट ड्रिंक्स की खपत काफी और इनसे जुडी बीमारियां भी बढी हैं। पेय पदार्थों में करीब 200 कैलोरी होती है और इनके अधिक सेवन से मोटापा बढ़ने के संबंध में कई बार खबरें छप चुकी हैं। दरअसल, पेय पदार्थों में मिठास पैदा करने के लिए
 
कुमार राधारमण
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ग्रामीण डाक्टरी से ही होगी नीम-हकीमों की छुट्टी

इस देश को जितने डाक्टरों,नर्सों और पैरा-मेडिकल स्टाफ की ज़रूरत है,उतने उपलब्ध नहीं हैं। हमें तत्काल डेढ़ करोड़ डॉक्टरों की जरूरत है। ग्रामीण डाक्टरी का विचार इसीलिए पेश किया गया था। पिछले दिनों आयुष डाक्टरों के विरोध की भी काफी खबरें छपीं मगर अब यह स्पष्ट
 
कुमार राधारमण
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गर्भनिरोधक गोलियां और नारी मुक्ति

इस वर्ष मार्च में,लंदन के शोधकर्ताओं ने दावा किया कि गर्भनिरोधक गोलियां टीनएज गर्ल्स पर प्रभावी असर नहीं छोड़ पा रही हैं। उनके मुताबिक इन गोलियों के इस्तेमाल के बावजूद टीनएज गर्ल्स में होने वाले गर्भधारण की दर में कोई कमी नहीं आई है। फिर भी,इस बात से
 
कुमार राधारमण
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यूपीःबिगड़ती सेहत,सिसकता इलाज़

यूपी में बीमारियां हैं पर उनसे निबटने के मुकम्मल इंतजाम नहीं। जहां अस्पताल हैं, वहां डाक्टर नहीं। जहां डाक्टर हैं, वहां दवाइयां नहीं। जहां दवाइयां हैं, वहां उपकरण नहीं। जहां यह सब कुछ है वहां संवेदना नहीं। यह है देश में सबसे ज्यादा आबादी वाले राज्य की
 
कुमार राधारमण
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इलाज़ क्या करेगा बीमार स्वास्थ्य ढांचा

केंद्र सरकार ने सबके लिए स्वास्थ्य का लक्ष्य घोषित कर रखा है। अक्सर, कहीं न कहीं अस्पताल का शिलान्यास भी हो ही रहा होता है। चिकित्सा सुविधाएं तो बढी हैं मगर बढती जनसंख्या,नए रोगों की चुनौतियों और चिकित्सा के क्षेत्र में हो रहे अनुसंधान की दृष्टि से देश
 
कुमार राधारमण
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मनोदशा और स्वास्थ्य

अक्सर,स्वास्थ्य के विषय में चर्चा नियंत्रित खान-पान के इर्द-गिर्द सिमट कर रह जाती है। नियंत्रित खान-पान के बावजूद अगर मनोदशा ठीक न हो,तो व्यक्ति स्वस्थ नहीं रह सकता। मनोदशा कई चीजों का निचोड़ होती है और पैसे से नहीं खरीदी जा सकती। आज के जनसत्ता में रंजना
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रेडिएशन और स्वास्थ्य

पिछले दिनों दिल्ली के मायापुरी इलाके के कबाड़ से हुए रेडिएशन के बाद देश भर का ध्यान रेडिएशन से होने वाली परेशानियों की ओर गया है। डाक्टरों का कहना है कि इस रेडिएशन के शिकार मरीजों का बोन मैरो स्तर क्षीण हो चुका है । उनकी श्वेत रक्तकणिकाएं काफी कम पाई
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जानिए होम्योपैथी से जु़ड़ी भ्रांतियों को

आज होम्योपैथी के जनक हेनिमैन की जयंती है। उनकी स्मृति में आज का दिन विश्व होम्योपैथी दिवस के रूप में मनाया जाता है। होम्योपैथी अब केवल गरीबों की उपचार-विधा नहीं है। तुरंत इलाज़ की चाहत में खासकर एलोपैथिक दवाओं के साइड-इफेक्ट के लगातार बढते मामलों ने
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पढाई देश में,कमाई विदेश में

हमारे हजारों डॉक्टर पढ़ने के बाद विदेश का रुख कर लेते हैं। अमरीका में हर पांचवा डाक्टर विदेशी है। इन विदेशियों में भी सबसे ज्यादा तादाद विकासशील देशों से आए डाक्टरों की है और उन विकासशील देशों में भी पहला स्थान भारत का है। विदेश में उनकी हालत कई बार
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टीकाकरण और मुनाफाखोरी

आज डाक्टर्स डे पर,दो प्रमुख समाचारपत्रों ने देश मे टीकाकरण की आड़ में चल रहे मुनाफाखोरी के धंधे पर टिप्पणियां की हैं। गौरतलब है कि भारत में संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए व्यापक टीकाकरण का कार्यक्रम पिछले करीब ढाई दशकों से चल रहा है जिससे होने वाले
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फिजियोथैरेपिस्ट 'डाक्टर' हैं या नहीं ?

कल के टाइम्स ऑफ इंडिया में,इंडियन एसोसिएशन ऑफ फिजियोथैरेपिस्ट का एक विज्ञापन छपा है। संघ के महाचसिव डॉ. संजीव कुमार की ओर से जारी यह सार्वजनिक सूचना फिजियोथैरेपिस्ट की पीड़ा को बयां करती है। सूचना के अनुसार, कुछ लोग और संस्थाएँ यह भ्रम फैलाने में जुटी