साक्षात्कार हेतु छः लाख रुपये रिश्वत न देने का पछतावा है अब हमें.
पता नहीं यह बात सभी के समक्ष रखने लायक है अथवा नहीं पर अब जबकि अदालत की ओर से भी नियुक्तियों की अनुमति मिल गई है तो लगा कि अपनी व्यथा को आप सभी के सामने रख देना चाहिए। अपने मन का बोझ कुछ तो कम होगा।बात दरअसल यह है कि उत्तर प्रदेश के अशासकीय महाविद्यालयों
May 21 2010 11:19 PM



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