गौर से देखा तो घूम जाओगे!!
सोते हुए को तो उठाया जा सकता है मगर कोई जानबूझकर सोने का अभिनय करे तो उसे उठाना कठिन है। पत्थर भी अपनी जगह बदलता रहता है। वह प्रकृति की शक्ति से संचालित होता है। कभी भूकंप उसकी जगह बदलती है, कभी हवा तो कभी पानी। अचल कुछ भी नहीं है, सब चलायमान है।
Sep 09 2009 01:05 PM



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