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गौर से देखा तो घूम जाओगे!!

सोते हुए को तो उठाया जा सकता है मगर कोई जानबूझकर सोने का अभि‍नय करे तो उसे उठाना कठि‍न है। पत्‍थर भी अपनी जगह बदलता रहता है। वह प्रकृति‍ की शक्‍ति‍ से संचालि‍त होता है। कभी भूकंप उसकी जगह बदलती है, कभी हवा तो कभी पानी। अचल कुछ भी नहीं है, सब चलायमान है।
 
जितेन्द़ भगत
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इचक दाना- इचक दाना, दाने ऊपर दाना- 1

इस तस्‍वीर में सात घोड़े हैं? क्‍या आपकी नजर उन्‍हें देख पा रही है ? इस जंगल में पॉंच हि‍रण हैं, क्‍या आप उन सभी को ढूँढ सकते हैं ?(इन दि‍नों मेरे दोस्‍त मुझे रोचक मेल भेज रहे हैं। यह मैं आपलोगों के साथ शेयर कर रहा हूँ।)
 
जितेन्द़ भगत