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मेरा गम है मेरा हम सफर
मेरा गम है मेरा हम सफर, क्यों गम से मुझ को निजात होजब दोस्ती मुझे गम से है, तो खुशी से क्यों मुलाक़ात हो।मैंने जो भी चाहा न मिल सका, मुझे इस का कुछ न मलाल हैमेरे दिल में जब हसरत नहीं, क्यों ख्वाहिशों की बात हो।कोई रेशमी आँचल मिले, न लिखा था मेरे नसीब
Nov 01 2009 08:33 PM



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