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कहाँ है हमारे नायक?

सैंकड़ो नारियों के बलात्कारी मुगल को महान प्रेमी बताया जाता है, दुसरी ओर महा नायक के समारोह पर प्रतिबन्ध लगाया जाता है. हम अपने ही इतिहास को मिटाने पर तुले हुए है. याद रहे बिना इतिहास वाली प्रजा "अनाथ" होती है.
 
संजय बेंगाणी
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खाप बन न जाए न्याय का बाप

समुदाय की मान्यताये, विश्वास, परम्पराए और मर्यादाएं नष्ट न हो इसका खाप ध्यान रखती है ताकि जंगलराज स्थापित न हो जाये. वास्तविक धरातल पर खास कर जब वोट-बैंक का मामला हो जाति और खाप के बन्धन से मुक्त होना लगभग असम्भव है.
 
संजय बेंगाणी
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जानकारी के महासागर में विवेक से गोता लगाएं

घरवालों की जाँच करने पर किसी के भी एड्स ग्रस्त होने की पुष्टि नहीं हुई. फिर बच्चे को एड्स कैसे हुआ? जाँच होने पर चौंकाने वाला तथ्य सामने आया....
 
संजय बेंगाणी
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जनाना राज चला गया है या आ रहा है?

वे पढ़ीलिखी है. न भी है तो भी अर्थार्जन करती है. कार्यालय जाती है, शाम को घर लौटती है मगर उसे पुरूषों वाली सुविधा नहीं मिलती. अगर पुरूष सिगरेट पी सकता है तो आप भी पी सकती है. सिगरेट पियें, दारू पियें, चरस लें. मगर आजादी के नाम पर नहीं.
 
संजय बेंगाणी
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1411: क्या दादाजी, एक बचा कर नहीं रख सकते थे?

बेकाबू बढ़ती आबादी. फिर भी सेक्स पावर में कहीं कमी सी महसूस होती है. शेर सी ताकत के लिए बाघ के नख से लेकर दाँत-आँत-आँख-अंडाशय, सब चबा गया इनसान.
 
संजय बेंगाणी
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ओ रे बन्धू मत लिखियो ब्लॉग

मेरी इस अति महान रचना को किसी के द्वारा बिना अनुमति के पढ़ा जाना अपराध है. आपका आई.पी. दर्शाता है कि आप यहाँ पढ़ने के लिए आए थे, अब मुकदमे के लिए तैयार रहें.
 
संजय बेंगाणी
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मैं पाकिस्तान से प्रेम करता हूँ, तुम भी करो

मैं अमितजी से आँखे चुराता हूँ, जी चाहता है मुम्बई पहुँच जाऊँ और कसाब को कस कर गले लगा लूँ. मुझे माफ करना भाई तुम्हारे प्रेम को समझ न सका.
 
संजय बेंगाणी
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मजे करो! नाबालिग से विवाह अपराध नहीं

किसी नाबालिग लड़की से निकाह करना अपराध नहीं होगा क्यों कि इस परिस्थिति में नाबालिग लड़की शारीरिक सम्बन्ध बनाने या माँ बनने के लिए पूर्णतः परिपक्व होगी. क्या मेरी बात आपको बकवास लग रही है?
 
संजय बेंगाणी
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अब अधर्म के हवाले धर्म साथियों

क्या हिन्दु धर्म अब उन अपराधियों, हत्यारों, भू-माफियाओं, हवाला कारोबारीयों के बल पर जिन्दा रहेगा,जो भगवा धारण कर लोगों को छल रहे है?
 
संजय बेंगाणी
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रंगीले गाँधी पर सपाट प्रतिक्रिया

ब्रह्मचार्य के गाँधीजी के प्रयोग एक बकवास से ज्यादा कुछ नहीं थे. अच्छा होता कस्तुर “बा” को “बा” यानी माता न बना कर स्वस्थ सहशयन करते तो एक आदर्श पति का उदाहरण भी बनते.
 
संजय बेंगाणी
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क्या शानदार सुझाव है!

बहुत दिनों से वेश्यालय की सेवा लेने की सोच रहा हूँ, आप ही बताए कौन सा सही रहेगा.
 
संजय बेंगाणी
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कूविचारों के साथ सक्रिय लोग

नारी नर्क का द्वार है या दलित की परछाईं भी छू जाए तो अपवित्र हो जाते है जैसी बातें मानने वाले लोग आज भी मिल जाएंगे. ऐसे ही एक विचित्र से सिद्धांत को लेकर जीने वाला समुदाय है अनूप मण्डल.
 
संजय बेंगाणी
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हर मर्ज की एक दवा है, काहे न आजमाएं….

हम भारतीयों के पास विकास का एक ऐसा ही एक सरलीकृत मंत्र है, जो हमें विकसीत देश बना देगा. यह मंत्र मानसिक रूप से हम पर इतना हावी है कि इसके बिना भारत कभी जापान-फ्रांस-जर्मनी जैसा विकसीत बन सकता है, ऐसा कहने वाले को मूर्ख ही कहा जाएगा.
 
संजय बेंगाणी
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नौ साल के नौकर से हैल्प हो जाती है

भाई सा’ब यहाँ है तो अच्छा खाने को मिलता है. अच्छी जगह रह रहा है. खुश न होता तो गाँव न भाग जाता. और हम कौन सा पहाड़ तुड़वाते है इससे? घर का छोटा-मोटा काम करता है या थोड़ी बहुत “हैल्प” हो जाती है, बस. भाषण झाड़ने से भूख नहीं मिटती जनाब.
 
संजय बेंगाणी
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चतुर योगगुरू की चालाक चुप्पी

बाबाजी ने मंच को साँझा करने के बाद अब तक देशद्रोही फतवे का विरोध भी नहीं किया है. क्या उन्हे मुस्लिमों में अपने नए ग्राहक नजर आ रहे हैं और लाभ के लिए वे वही तुष्टीकरण अपना रहे है जो बेशर्म नेता अपनाते रहे है?
 
संजय बेंगाणी
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फिकर नॉट, ब्लॉगिंग पर कब्जा रहेगा चिरकुटों का

एक दिन देखता हूँ, घर में काम करने वाली “बाई” ब्लॉगिया रही है कि फलाने ब्राण्ड का झाड़ू एकीदम बेकार किसम का है. हमारे साहबजादे भी ब्लॉग पर लिख रहे है. हर कोई, हर कहीं अपनी भाषा में ठेल रहा है, ठेलेगा और ठेलता रहेगा. क्या कर लोगे?
 
संजय बेंगाणी
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जिनका गांधी माओवादी है, वे विलियम से सीखे….

भारत की अखण्डता को अभी दो प्रमुख भीतरघाती ताकतों से खतरा है. वहीं एक ताकत इनकी राह में रोड़ा जरूर बनी हुई है. विलियम चाहता तो अपने अधिकारों के लिए हथियार भी उठा सकता था, लेकिन उसने रचनात्मकता चुनी ना कि विध्वंसक गतिविधियाँ.
 
संजय बेंगाणी
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महिलाओं की नग्न पीठ

युवतियों की पीठ, वह भी नग्न! और उस पर बने टैटू. लो जी हो गया संस्कृति का नाश. अब जबकि भारतीय संस्कृति को याद कर ही लिया है तो इसकी एक झलक दिखला दूँ...
 
संजय बेंगाणी
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हाँ गाँधी ने ऐसा कहा था…

अपनी प्रार्थना सभा में गाँधीजी ने कहा था कि किसी भी प्रकार के युद्ध का मैं सदा विरोधी रहा हूँ, परंतु....बात-बात में गाँधी को टांकने (उद्धृत करने) वाले गाँधी के इन विचारों को भी ध्यान में रखे. भगवान हिन्दुओं के सोये शौर्य को जगाए, विजयादशमी पर यही काम
 
संजय बेंगाणी
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भारत, संस्कृति और समलैंगिकता

कानून धार्मिक आधार पर नहीं, वैज्ञानिक सोच के आधार पर और समाज के कल्याण को ध्यान में रख कर बनाए जाते है. स्त्री देह में पुरूष या इससे उल्टा हो तो उसकी व्यक्ति की कशमकश को समझना उतना सरल नहीं है. यह भी है कि मौज मजे के लिए समलिंगी सम्बन्ध और समलैंगिता
 
संजय बेंगाणी
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स्लमडॉग को ऑस्कर!! धन्य हो…

मुझे सचमुच नहीं समझ आ रहा कि यह फिल्म किसी पुरस्कार के योग्य है तो, कैसे है? और कैसे यह हमारी फिल्म है? नागेश कुकुनूर की फिल्में भी स्लमडॉग से बेहतर लगती है. वैसे ऑस्कर जीतने का नुस्खा जरूर मिल गया है....
 
संजय बेंगाणी
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भारत की मानसिक आज़ादी : दक्षिणगामी होती हिन्दी

आज तमिलनाडु में अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल में हिन्दी पढ़ाना चाहते है. तर्क वही है जो हम अंग्रेजी की अनिवार्यता के लिए देते रहे है.
 
संजय बेंगाणी
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राम का नाम, असुरी काम

अगर गुण्डागर्दी ही करनी हो तो अलग बात है, क्योंकि इससे आसानी से दो-चार लोगो को पीट-पीटा कर संस्कृति की रक्षा करने की आत्म संतुष्टि पायी जा सकती है. वरना करने को बहुत सारे काम है.
 
संजय बेंगाणी
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19 जनवरी? क्या हुआ था इस दिन?

दिनांक 6 दिसम्बर याद है? यह भी कोई भूलने वाली बात है?.....19 जनवरी याद है? ना. क्या इस दिन भी कुछ हुआ था?
 
संजय बेंगाणी