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ब्लाग लिख कर तीर मारने वालों की फ़ेहरिस्त

उस दिन मैं बात कर रहा था - " भई राम लाल, ये ब्लाग लिखने की क्या सूझी ?"राम लाल -"अरे भाई, जब ये लेखक टाइप लोग कुछ कुछ लिख कर इस मुग़ालते में रहते हैं कि उनके लिखे से समाज बदल जाएगा तो फिर मैं क्यों पीछे रहूं !"-"तो ?" -"तो क्या, मैंने भी ठान ली कि
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मैं अब अपने लिए

  बहिनीबाई चौधरी (1880-1905) महाराष्ट्र के जलगाँव जिले की कपास की खेती करनेवाली किसान स्त्री थी। बहिनीबाई की कविताएँ मूलतः किसानी के श्रम के दौरान लिखी गई कविताएँ हैं। भारत के अन्य हिस्सों में स्त्रियों की रचनात्मकता उनके जीवन के कार्यव्यापार
 
jagadishwar chaturvedi
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मैं अब अपने लिए

  बहिनीबाई चौधरी (1880-1905) महाराष्ट्र के जलगाँव जिले की कपास की खेती करनेवाली किसान स्त्री थी। बहिनीबाई की कविताएँ मूलतः किसानी के श्रम के दौरान लिखी गई कविताएँ हैं। भारत के अन्य हिस्सों में स्त्रियों की रचनात्मकता उनके जीवन के कार्यव्यापार
 
sudha singh
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जिंदगी के विस्तार का लेखन है स्त्री आत्मकथा

   लेखन का एक बड़ा सरोकार है कि वह जिंदगियों को बचाता है। जीवन के प्रति आशा का संचार करता है। स्त्री लेखन की खूबी है कि यह न केवल आशा का संचार करता है बल्कि जीवन का अनुसरण करते हुए जीवन का विस्तार भी करता है। विशेष तौर पर स्त्री आत्मकथा की खूबी
 
sudha singh
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अंतरंग संबंधों पर लेखन : बाजार और अवधारणा

अंतरंग संबंधों पर लेखन आत्मकथा के आयाम में बहुत चितेरे होते हैं, जो पाठकों को आकर्षित करते हैं, किंतु उससे कहीं अधिक आकर्षित करते हैं समाज और निजी जिंदगी के प्रवाह में डूबते-उतराते रिश्ते। संबंधों की अंतरंगता हर किसी के जीवन के खास पहलू होते हैं। उन
 
विनीत उत्पल
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लेख लिखें और पैसा कमायें....Just Blog To Earn Money

 आजकल सबको ब्लोगिंग का भुत सवार है...जिसको देखों ब्लोग बना रहा है कोई दो ब्लोग का मालिक है कोई तीन का मालिक है। ब्लोग बनाना बहुत आसान है, ब्लोग पर सामग्री डालना भी बहुत आसान है, और सबसे आसान है उस पर विज्ञापन लगाना, और थोडी कोशिश के बाद आपके ब्लोग
 
काशिफ़ आरिफ़/Kashif Arif
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मेरी पहली पोस्ट

लगभग २ वर्षों से ब्लागवाणी नियमित रूप से पढ़ती आ रही हूँ । कितनी बार कोशिश की कुछ लिखा भी जाए , पर असफल ।कुछ अज्ञात सा भय घेरे था ।अब इतनी बड़ी लेखिका तो हूँ नहीं कि राईटर'स ब्लाक की शिकार हो जाऊँ ।तब क्या है परेशानी? अंतर्जाल पर खोज बीन करने के उपरांत
 
bas do minute
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हर ब्लॉगर के लेखन की एक अपनी शैली है, पोस्ट देखते ही कह सकते हैं कि किसने लिखा है।

       हर ब्लॉगर की एक  अपनी शैली  है। कई बार पोस्ट को देखते ही पता चल जाता है कि किसने लिखा होगा इसे।   डॉ अनुराग अपनी पोस्ट में त्रिवेणी लिखते हैं, डॉ. अमर इटालिक स्टाईल में  लिखते हैं तो ज्ञानदत्त जी
 
सतीश पंचम
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