वर्जीनिया पुस्तक मेले में 'पीली छतरी वाली लड़की' और 'हरिया हरक्युलिस की हैरानी'
(मैं पिछले कुछ दिनों से लगातार एक कविता 'अरुंधति' पर काम कर रहा था। आज लगभग पूरी हुई है। लेकिन यह नहीं कहा जा सकता कि वह अब अपने अंतिम पाठ की शक्ल ले चुकी है। छोटी-सी है। कल या परसों पोस्ट करूंगा। कठिन दिन हैं, हमेशा की तरह ही। तब तक आप यह
Apr 19 2010 10:06 AM



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