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बापू और राजनीति

डॉ 0 गिरिधारी राम गौंझू ‘‘ गिरिराज ’’ महामना विश्व वन्दय महात्मा गांधी का जीवन ही विश्व मानव के लिए एक महान संदेश है। बापू ने जीवन भर सत्य का अन्वेषण किया तथा तत्कालीन समय में जो सत्य प्रतीत हुआ उसी का पालन अपने जीवन में प्रयोग किया। उसमें उन्हें अपा
 
Arun Kumar Jha
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गांधीजी पर विशेष लेख 7

अंधे रों को चीरती शब्दों की रौशनी - संजय द्विवेदी महात्मा गांधी की मूलतः गुजराती में लिखी पुस्तक हिन्द स्वराज्य एक बार फिर अपने सौ साल पूरे होने पर चर्चा में है। महात्मा गांधी की यह बहुत छोटी सी पुस्तिका कई सवाल उठाती है और अपने समय के सवालों के वाजि
 
Arun Kumar Jha
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गांधीजी पर विशेष लेख 8

गांधी , नक्सलवाद और सलवा जुड़ूम - पंकज कुमार झा आदिवासी अंचलों में कैंसर का रूप लिए हुए नक्सलवाद के सम्बन्ध में गांधी की प्रासंगिकता को खंगालते हुए सहसा तीसरी दुनिया के प्रखर चिंतक ‘‘ पॉलो फ्रेरे ’’ स्मरण हो आते हैं। फ्रेरे के अनुसार , ‘‘ शोषक और शोष
 
Arun Kumar Jha
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गांधीजी पर विशेष लेख

माहात्मा गांधी के आर्थिक विचार नागेन्द्र  प्रसाद   दो अक्तूबर 1869 को उस महापुरुष का जन्म पोरबन्दर में हुआ , जिन्होंने भारत माता को गुलामी की जंजीर से मुक्त कर आजाद कराया। इनकी प्रारंभिक शिक्षा भारत तथा उच्च शिक्षा इग्लैंड में हुई। बैरिस्ट्
 
Arun Kumar Jha
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गांधीजी पर विशेष लेख

आज के युग में गांधी की प्रसांगिकता सुशांत झा महात्मा गांधी मानवता के इतिहास में शायद पहली ऐसी शख्सियस हैं जिन पर सबसे ज्यादा लिखा गया है। उनके व्यक्तित्व के कई पहलुओं पर अभी भी लिखा ही जा रहा है। आज जब दुनिया की राजनीति कई विरोधाभासों से होकर गुजर रह
 
Arun Kumar Jha