नन्ही मुस्कुराहट
तारो की पोटली,खुलकर गिरी कही.. जब मिली तो एक तारा कम था,मद्धम रोशनी में, ज़मीन पर देखा तो एक नन्ही मुस्कुराहट उंगली थाम के चली आई आँगन में.. खिलखिलाती रहती है अब गालो पे हमारे.. और मुड़ कर देखती है पीछे... जब भी प्यार सेकोई कहता है... लवी... हमारी बिटिया
Aug 10 2009 01:13 PM



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