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एक पैग और---अब तो बस करो--फिजूल खर्ची--ब्लाग4वार्ता-----ललित शर्मा

मानसून आने को है किसानों ने अपनी तैयारी कर रखी है, खेत जोतकर, खाद डाल कर अब इंतजार हो रहा है बरसात का। लेकिन मौसम के भविष्य वक्ताओं ने कहा है कि इस वर्ष बरसात कम होगी। याने फ़िर सूखे का सामना करना पड़ सकता है, अरे यार! जरा शुभ-शुभ बोलो, कहो कि वर्षा अच्छी
 
ललित शर्मा
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मिलिए संस्कृत बोलने वाले चिट्ठाकार परिवार से

मिलिए संस्कृत बोलने वाले चिट्ठाकार परिवार से----चिट्ठाकार चर्चा----ललित शर्मा दिल्ली यात्रा-5...कारवां चल पड़ा है मंजिल की ओर...........! 
 
ललित शर्मा
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सोमवार की एक शाम --ललित शर्मा जी के नाम ---

रविवार का दिन । छुट्टी का दिन । काम से आराम का दिन । आराम --यदि नसीब हो सके तो ।अक्सर इस मृत्युलोक में मनुष्य जीवन की दिनचर्या में इस कदर फंसा रहता है , कि आराम सिर्फ ख्वाबों ख्यालों में ही रह जाता है। इसी रविवार अविनाश जी ने एक ब्लोगर मिलन का कार्यक्रम
 
डॉ टी एस दराल
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सबके दिलों के सरदार माननीय ललित शर्मा जी ने हिन्‍दी ब्‍लॉगिंग को अलविदा कहा

यह सच हैमैं तेताला हूंमेरे से जुड़े रहे हैं ललित शर्मा जीअब यहां भी नहीं हैंअपनी ब्‍लॉग पोस्‍ट पर टिप्‍पणी भी बंद कर दी हैंजिसका अर्थ हैदरवाजे से घंटी का बटन ही हटा लिया हैजिससे आप यह न समझेंकि वे टंकी पर चढ़े हैंवैसे मुझे तो लग रहा हैऐसा ही होना हैहम
 
अविनाश वाचस्पति
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खुनी रेड हंट---कुछ टिप्पणियों की चर्चा----ललित शर्मा

बीते कल की सुबह 36गढ के बस्तर क्षेत्र के ताड़मेटला के जंगलों में सुरक्षा बलों के लिए कहर बनकर आई, जिसमें नक्सली हमले मे 75जवान शहीद हो गये। इस कायरता पुर्ण घटना की सर्वत्र निंदा की जा रही है। सरकार अभी तक जागी नही है, प्रधानमंत्री सलाह कारों की सलाह पर कह
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प्रख्यात चि्त्रकार डॉ डी. डी.सोनी से एक साक्षात्कार-अंतिम किश्त-----ललित शर्मा

मित्रों गत सप्ताह मैने प्रख्यात चित्रकार डॉ डी डी सोनी के साक्षात्कार का प्रथम भाग प्रस्तुत किया था। आज उसी कड़ी को आगे बढाते हुए चलते हैं और उनसे कुछ प्रश्नों के जवाब लेते है।ललित.कॉम:-अभी भारत में चित्र कला को लेकर विवाद काफ़ी गहराता जा रहा है। प्रख्यात
 
ललित शर्मा
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संडे स्पेशल-जरुर देखिए-चूकिए मत----(ललित शर्मा)

मित्रों मैने आपसे प्रख्यात चित्रकार डॉ डी.डी.सोनी जी का अधुरा साक्षात्कार करवाया था एक भेंट के दौरान, हमारी उनसे चित्रकला पर काफ़ी चर्चाएं होती हैं। अभी उनका साक्षात्कार प्रकाशित होना बाकी है। एक दिन उन्हो्ने मेरा चित्र बनाया,वह भी एक मिनट में और मुझे
 
ललित शर्मा
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सीटी बज गई--ब्लोगिंग से--निंदिया न आये---ब्लाग4वार्ता--------ललित शर्मा

आप सभी को ललित शर्मा का राम राम,चर्चा करते हैं कुछ चुनिंदा चिट्ठों की और सबसे पहले चलते हैं ताऊजी डॉट कॉम -यहां पर आज निर्मला कपिला जी की प्रविष्टि छापी गयी है--- वैशाखनंदन सम्मान प्रतियोगिता में : सुश्री निर्मला कपिला प्रिय मित्रगणों, "वैशाखनंदन सम्मान
 
ललित शर्मा
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नामचीन हस्तियां-- चेरी के २ पेड़--विचारों का लंगर---ब्लाग4वार्ता------ललित शर्मा

आज सुबह की वार्ता यशवंत जी कर रहे थे, लगता है कि पोस्ट शेड्युल करते वक्त उनसे छुट गयी, छुट गयी तो छुट गयी, हम लेकर आ गए हैं नयी वार्ता, एक दम ताजा तरीन चिट्ठों के साथ। अब मै ललित शर्मा आपको ले चलता हुँ आज की चर्चा पर----लेते है कुछ नए पुराने चि्ट्ठों
 
ललित शर्मा
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आपने कल पढा था---आज सुनिए--"कोयलिया कुहु कुहु बोले ना"

कल आपसे वादा किया था कि माता का जसगीत आपको सुनाने का प्रयास करुंगा। मेरा प्रयास पुरा हुआ और मै उसे आपके लिए लाने में सफ़ल हुआ। छत्तीसगढ के भजन सम्राट दुकालु राम यादव के "राम लखन तोर जंवारा" से यह गाना लिया गया हैं। हम उन्हे धन्यवाद देते हैं कि छत्तीसगढ की
 
ललित शर्मा
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अब हम भी करेंगे चर्चा-ललित शर्मा से सीखा संभालना मोर्चा

हमें अब तक तो यही लगता था कि वास्तव में चिट्ठा चर्चा करना बहुत ही कठिन और मुश्किल काम है, लेकिन जिनके पास ललित शर्मा जैसा गुरू हो उनके लिए यह कोई मुश्किल काम नहीं है। ललित जी ने हमें ऐसा गुरू मंत्र दिया है कि अब हम भी चर्चा करने के लिए तैयार हो गए हैं।
 
राजकुमार ग्वालानी
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फुरसतिया जी...............जरा इसे भी पढ़िए................!!!ललित शर्मा

अब क्या बताये हम अपनी कहानी.........आये थे ब्लागिंग  करने को और दरबानी करने लगे.........इसे ही कहते हैं........आये थे हरिभजन को ओटन लगे कपास.......... हम एक दिन दिल्ली में खाली बैठे थे तो टाइम पास करने के लिए नेट में चलाने लग गए..........तभी हमारे
 
ललित शर्मा
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मुर्गी तो जान से गई और खाने वाले को मजा नही आया--"चर्चा हिन्दी चिट्ठों की" (ललित शर्मा)

मौसम बादल रहा है वातावरण में हलकी सी गरमाहट आने लगी है. शर्म होते ही ठंडी हवा के साथ फूलों की खुशबु के साथ वातावरण गमक उठता है. बड़ा ही अच्छा मौसम है. पलास भी अब अपनी रंगत पर आने लगे है. उसके भी फ़ूल लालियाने लगे है. गेंहूँ -चने की फसल भी पक कर तैयार होने
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धमकियों के बाद-ब्लागर मिलन-दी्वानगी कभी दे्खी नहीं "चर्चा हिंदी चिट्ठों की (ललित शर्मा)

रविवार को ही ढेर सारे काम हो जाते हैं घर के. घर के काम करना भी जरुरी है. क्योंकि आखिर में घर वाले ही साथ देते हैं. देखिये ना हमारे जार्ज बाबु को, जब तक वो स्वयं भले चंगे थे तब तक तो उनका परिवार (पत्नी और बच्चे) कहीं नहीं दिखे. लेकिन जब उन्हें अल्जाइमर
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किस चीज का चित्र है ये? ... ललित जी की चित्र पहेली

कल मेरे साथ ललित जी ने यह चित्र लिया था। क्या आप बता सकते हैं कि किस चीज का चित्र है यह?आपको तो पता ही है कि ललित शर्मा जी आजकल छुट्टी में चल रहे हैं। पर छुट्टी में होने के बावजूद भी उनके पोस्ट आ रहे हैं क्योंकि उन्हें ललित जी ने पहले ही शेड्यूल्ड करके
 
जी.के. अवधिया
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भंग का रंग........जोगी जी.... जरा....बच के.....!!!

होली का माहौल बन रहा है. रंग-अबीर-गुलाल और गारी-ठिठोली भी चलेगी जम कर भंग भी घुटेगी और ठंडाई के साथ छनेगी-चढ़ेगी. ऐसे हालत में कभी कभी लोग अपने घर का ही रास्ता भूल जाते हैं या बुरा ना मानो होली है कह के थोड़ी "मौज लेने" के चक्कर में रहते हैं. अगर कहीं फँस
 
ललित शर्मा
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हरामी..? यानी हराम का जना हुआ “चर्चा हिन्दी चिट्ठों की”(ललित शर्मा)

अभी तीन चार दिनों से ब्लागवाणी की नापसंद सेवा का भरपुर लाभ उठाया जा रहा है। कुछ विशेष पोस्ट आते ही लगातार नापसंद की बाढ आ जाती है। मतलब यह है कि वही पो्स्ट ज्यादा पसंद की जा रही है और तो और कविताएं और गजल भी नापसंद होने लगी हैं। हमारे भाई लोग इतने जागरुक
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तेरा सत्यानाश हो-साला..कुछ भी करेगा”चर्चा हिंदी चिट्ठों की”(ललित शर्मा)

आज खुशी की बात है कि संगीतकार ए आर रहमान को दो ग्रेमी अवार्ड मिले। आज सुरों के शहंशाह हैं तथा अपनी प्रयोग धर्मिता से भारतीय संगीत को विश्वस्तर पर पहचान दिलाई है। ग्रेमी अवार्डस मे भी अपने जय हो नामक गाने से परचम लहराया है और दो पुरस्कार जीत कर अपनी
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वे नेता जी की पिस्तौलें सौंपना चाहते हैं राष्ट्र को!

नेताजी के सचिव रहे ८९ वर्षीय त्रिलोक सिंग चावला थाईलैंड में रहते हैं. उन्होंने आज भी नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की दो पिस्तौलें सहेज कर रखी हैं. वे इस अमानत को भारत सरकार को सौंपना चाहते हैं. उन्होंने इस संबंध में बात करने के लिए अपने बेटे को भारत भेजा
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एक था झूठा और एक था कौआ…(चिट्ठी चर्चा) समय चक्र

मैं समय हूँ जो घटता है मेरे सामने उसे देखता हूँ ज्यों का त्यों सामने रख देता हूं. और अच्छाई हो या बुराई स्वयं के ऊपर छोड़ देता हूँ. सन्देश देता हूँ कि मथो अपने अंतर मन को और पा जाओ सत्य, यही तुम्हारे साथ हमेशा रहेगा. हमेशा चलेगा. जब तन के कपड़े भी छोड़
 
ललित शर्मा
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ये गहरी खाइयाँ क्यूँ है ? "चिट्ठी चर्चा"

समय का चक्र निरंतर चल रहा है. संसार की सभी गतिविधियों का साक्षी है समय का पहिया. ये गोल घूम रहा है और इसके साथ-साथ सारा जग घूम रहा है. हम भी घूम रहे हैं. इसलिए समय के साथ चलना जरुरी है. जो समय के साथ नहीं चलता, समय उसके साथ नहीं चलता, उसे पीछे छोड़
 
ललित शर्मा
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कैसे करूँ, किस-किस को दूँ!!!!

ललित शर्मा  हमारे गांव में चुनाव का घमासान मचा हुआ है. गांव के जितने भी छुटके-बड़के सेवक हैं सब जन सेवा का संकल्प लेकर ताल ठोक कर आ गए हैं मैदान में. पान की दुकान पर छुट भईये नेता लोंगो का जमावड़ा बढ़ गया है. यहाँ से सारी सूचनाएं प्रसारित होती रहत
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ललित शर्मा अंकल से मिले हम

ब्लाग बिरादरी में आने के बाद पहली बार हमें किसी ब्लागर अंकल से मिलने का मौका मिला। पापा (राजकुमार ग्वालानी) से मिलने जब कल हमारे घर ललित शर्मा अंकल आएं तो उनसे मैं और मेरे भाई सोनू ने मुलाकात की। पापा और अंकल कल भिलाई की ब्लागर बैठक में गए थे। इसकी ख
 
swapnil
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अब अमेरिकन सेना का भगवान ही मालिक ....

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अपने चुनाव के समय एक वादा किया था कि वे राष्ट्रपति निर्वाचित होने पर समलिंगिकों को सेना में भरती की इजाजत दे देंगे. बराक ओबामा अपने इस वादे को पूरा करने को अब तत्पर हैं. उन्होंने शनिवार को समलैंगिकों के एक समूह को सम्
 
ललित शर्मा
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उठ जा बाबु आंखी खोल

उठ जा बाबु आंखी खोलहोगे बिहनिया हल्ला बोलसूत उठ के बासी खाथारी धर के इस्कूल जाइस्कूल जा के पट्टी फॉरअऊ पेन्सिल ला कस के घोरमास्टर ला तैं गारी देबेचाक चोराके खीसा भरबेसरकारी पुस्तक ला तैं चीरबांटी खेलबे बनबे बीरपढ़े के बेर पेट पिराहीदांतों पिराही,मुडो
 
गुरतुर गोठ
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जय ३६ गढ़ महतारी

जय जय ३६ गढ़ महतारीरिता होगे धान कटोराजुच्छा पर गे थारीफिरतु हाँ फिलिप होगेहवय बड़ लाचारीओकर घर चुरत हे बरा,सोहारीमोर घर माँ जुच्छा थारीजय जय ३६ गढ़ महतारी खेत खार बेचे के फैले हे महामारीलुट-लुट के नगरा कर दिसनेता अऊ बेपारीगंवईहा मेट हे दारू माबेचावत हे
 
गुरतुर गोठ