भाई(विक्रम)और टल्ली (बेताल)
यह कहानी भाई लोगों की है।भाई लोगों ने अपने ब्लॉग को चलाने का काम मुझे सौंप दिया है.बदले में वे मुझसे हफ्ता नहीं वसूलेंगे.खैर, मैंने संजय से सलाह कर के काम ले लेने में ही अपनी खैर समझी.भाई लोगों को बता दिया कि टपोरी लेंग्वेज अपुन के बस की नहीं है.इसलि
Jul 05 2009 10:54 AM



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