किस्सा यूँ है कि एक जाट सुन्दरी को एक ब्राह्मण युवक से प्यार हो जाता है. लड़का स्वास्थ्य विभाग में नौकरी करता था और उस जाटनी को समझा बुझा के वापस लौटा देना चाहता था. तो उस युवक ने उस युवती को क्या सुझाव दिया, देखते हैं-हरयाणा के ट्रक की मेरी कार से टक्कर
बच्चों पर आ गई जवानी, टी.वी. तेरी मेहरबानी, खर-पतवार उगे गेहूँ में, किसको सींचूँ सोचे पानी, वो दिल्ली का हल्वा लाया, खाने वाली हुई दिवानी, राम सनेही भूखे बैठे, रावण-प्रिय खाते गुडधानी, चूहों ने संगठन कर लिया, फेल हो गई चूहेदानी, चूहा बनकर जिये आदमी,