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दिल्ली यात्रा-5...कारवां चल पड़ा है मंजिल की ओर...........!

बस बिस्तर पर लेटते ही निद्रादेवी ने कब आगोश में लिया पता ही नहीं चला, कब बिजली आई और गई इसका भी भान नहीं था, बकौल राजीव खर्राटे सुनाई देने लगे। सुबह लगभग 7 बजे नींद खुलने के साथ चाय आ गयी, दैनिक कार्यों से निवृत होते ही भाभी जी ने फ़टाफ़ट नास्ता तैयार कर
 
ललित शर्मा
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विधायक की आजा नच ले!

लोगों को कहते सुना है कि बिहार की तस्वीर बदल रही है। सीएम नीतीश कुमार और उनके दरबारी बिहार की सूरत बदलने में लगे हुए हैं। लेकिन उसी बिहार की राजधानी में उनके ही विधायक ने जो किया.. उससे उनके सारे किए धरे पर पानी फिरता दिख रहा है। भय और भ्रष्टाचार से
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विधायक की आजा नच ले!

लोगों को कहते सुना है कि बिहार की तस्वीर बदल रही है। सीएम नीतीश कुमार और उनके दरबारी बिहार की सूरत बदलने में लगे हुए हैं। लेकिन उसी बिहार की राजधानी में उनके ही विधायक ने जो किया.. उससे उनके सारे किए धरे पर पानी फिरता दिख रहा है। भय और भ्रष्टाचार से
 
राजीव कुमार
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विधायक की आजा नच ले!

लोगों को कहते सुना है कि बिहार की तस्वीर बदल रही है। सीएम नीतीश कुमार और उनके दरबारी बिहार की सूरत बदलने में लगे हुए हैं। लेकिन उसी बिहार की राजधानी में उनके ही विधायक ने जो किया.. उससे उनके सारे किए धरे पर पानी फिरता दिख रहा है। भय और भ्रष्टाचार से
 
राजीव कुमार
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विधायक की आजा नच ले!

लोगों को कहते सुना है कि बिहार की तस्वीर बदल रही है। सीएम नीतीश कुमार और उनके दरबारी बिहार की सूरत बदलने में लगे हुए हैं। लेकिन उसी बिहार की राजधानी में उनके ही विधायक ने जो किया.. उससे उनके सारे किए धरे पर पानी फिरता दिख रहा है। भय और भ्रष्टाचार से
 
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क्या पटना का तालिबानीकरण हो गया है?

अजातशत्रु की धरती को क्या हो गया है। सरेराह, बीच सड़क पर एक लड़की के चीरहरण की कोशिश की जाती है और भीड़ तमाशबीन होकर सबकुछ देखती रहती है। क्या ये वही पटना है... जहां चंद्रगुप्त और अशोक जैसे सम्राटों ने शासन किया है। शहर के भीड़-भाड़ वाले रास्ते पर एक
 
राजीव कुमार
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एक खिलाड़ी की दास्तां

वो जोश से भर थी, उसकी आंखों में देश के लिए कुछ कर गुजरने की तमन्ना थी। जब मैदान में वो अपनी हुनर दिखाती थी तो खिलाड़ी झुककर उसे सलाम करते थे और खेल प्रेमियों की तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा मैदान गूंज उठता था। इसी हौसले के दम पर असम की रहने वाली निशा ने
 
राजीव कुमार
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एक खिलाड़ी की दास्तां

वो जोश से भर थी, उसकी आंखों में देश के लिए कुछ कर गुजरने की तमन्ना थी। जब मैदान में वो अपनी हुनर दिखाती थी तो खिलाड़ी झुककर उसे सलाम करते थे और खेल प्रेमियों की तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा मैदान गूंज उठता था। इसी हौसले के दम पर असम की रहने वाली निशा ने
 
राजीव कुमार
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क्या पटना का तालिबानीकरण हो गया है?

अजातशत्रु की धरती को क्या हो गया है। सरेराह, बीच सड़क पर एक लड़की के चीरहरण की कोशिश की जाती है और भीड़ तमाशबीन होकर सबकुछ देखती रहती है। क्या ये वही पटना है... जहां चंद्रगुप्त और अशोक जैसे सम्राटों ने शासन किया है। शहर के भीड़-भाड़ वाले रास्ते पर एक
 
राजीव कुमार
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नवभारत टाईम्स पर मेरी कविता-सौगंध राम की खाऊँ कैसे

नवभारत टाईम्स पर मेरी कविता- सौगंध राम की खाऊँ कैसे   नोट: कल नवभारत टाईम्स ऑनलाईन की सर्च में ऐसे ही अचानक जब मैँने अपना नाम टाईप किया तो इस कविता के लिंक के मुझे दर्शन हुए,तो सोचा कि क्यों ना इसे आप सभी के साथ शेयर किया जाए ताकि प्रसाद स्वरूप
 
राजीव तनेजा
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