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बेदखल की डायरी का दखल अहा जिंदगी पत्रिका यानी प्रिंट मीडिया में (अविनाश वाचस्‍पति)

इमेज पर करें क्लिकऔर बेदखल के दखल सेहों रूबरूअहा जिंदगी मासिक पत्रिका में बेदखल की डायरी सेजो मनीषा पांडे की हैजिसकी राजकिशोर जी नेस्‍वांत: सुखाय स्‍तंभ मेंभरपूर चर्चा की हैआप भी जानेंऔर जो करें महसूससभी से बांट लें।
 
अविनाश वाचस्पति
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ब्रूनो की बेटियां (कवि-आलोकधन्वा) पूर्व पुलिस अफसर के हरम में...

ब्रूनो की बेटियां वामपंथी कवि आलोकधन्वा की प्रसिद्ध रचना है। आलोकधन्वा इन दिनों वर्धा में महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से जुड़ गए हैं। इस विवि के कुलपति विभूति नारायण राय इन दिनों साहित्य चर्चा से ज्यादा दलित उत्पीड़न की वजह से जाने
 
दिलीप मंडल
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एकनिष्ठता की अवधारणा और इसके राजनीतिक आयाम : समवेत व्याख्यानमाला -1

युवा चिंतन और शोध की दिशा में क्या चल रहा है, इसके सम्यक आकलन के लिए‘समवेत’ नाम का एक अध्ययन मंडल बनाया गया है, जो हर महीने दिल्ली में एक संवादमाला आयोजित करता है। इस संवादमाला में आपका स्वागत है। इससे जुड़ कर अपने पसंदीदा किसी विषय पर
 
समवेत