लेती नहीं दवाई अम्मा, जोड़े पाई-पाई अम्मा ।
हमारे सहारनपुर के गौरव, हम सब के दुलारे कवि और मेरे प्रिय सखा श्री योगेश छिब्बर ने अपनी नवीनतम रचना मुझे एस.एम.एस. द्वारा भेजी है - लेती नहीं दवाई अम्मा, जोड़े पाई-पाई अम्मा । (पूरी ग़ज़ल यहां उपलब्ध है)http://www.thesaharanpur.com/amma.html प्रो. छि
Nov 02 2009 09:14 PM



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