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सुना हैं खाने से खून बनता हैं, काट डाल और खून चख कर देख ले मैं कौन हूँ???

भूख से बेहाल वो पंहुचा एक गलीजोर से उसने आवाज लगाईकोई दो रोटी दे दो भाईफिर क्या था......दौड़े भागे सब चले आये  हिन्दू  ने रोटी पकवाई  मुसलमान ने सब्जी बनवाई सिक्ख ने रोटी को मक्खन से चुपड़ दियाईसाई ने पानी का गिलास सामने रख दियाऔर फिर बोले
 
यशवन्त मेहता "फ़कीरा"
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दोषी कौन ---- खुद ही पता लगा ले (यशवंत मेहता )

बहस, वाद-विवाद करना कोई बड़ी बात नहीं हैं. मुद्दा होना चाहिए बस, महफ़िल जम जाती हैं. अक्सर दिल्ली की बसों में लोग बहस करते मिल जातें हैं. बहस सुनो तो ऐसा लगता हैं मानो सभी के विचार एक हैं. विचार तो एक हैं पर आचरण अलग-अलग हैं. आचरण एक हो तो ही समाज को दिशा
 
यशवन्त मेहता "फ़कीरा"
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इन हादसों की काली छाया "अतुल्य भारत" अभियान पर पड सकती है.

अतिथि देवो भव:भारत में अतिथि को भगवान का रुप बताया जाता है. हमारी प्राचीन इतिहास में ऐसे अनेको उदाहरण है जब अतिथि की रक्षा के लिये व्यक्ति और समुदायो ने अपना सर्वस्व दांव पर लगा दिया. गोवा में ९ वर्ष की रुसी बच्ची के साथ बलात्कार की घटना से भारत की छवि
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इन हादसों की काली छाया "अतुल्य भारत" अभियान पर पड सकती है.

अतिथि देवो भव:भारत में अतिथि को भगवान का रुप बताया जाता है. हमारी प्राचीन इतिहास में ऐसे अनेको उदाहरण है जब अतिथि की रक्षा के लिये व्यक्ति और समुदायो ने अपना सर्वस्व दांव पर लगा दिया. गोवा में ९ वर्ष की रुसी बच्ची के साथ बलात्कार की घटना से भारत की छवि
 
यशवन्त मेहता "सन्नी"
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हिंदी ब्लॉग जगत में चोरो के खिलाफ छेड़ी जाये मुहीम

डॉ रूपचंद्र शास्त्री "मयंक" की रचनाये चोरी हुईं। उन्होंने अपने ब्लॉग पर इस बारे में पोस्ट लिखा।किसी भी रचनाकार की रचनाये चोरी हो तो बहुत दुःख होता हैं। रचनाकार के मन की स्थिति का वर्णन शब्दों में करना असंभव हैं। माँ सरस्वती कृपा करती हैं तो रचनामृत बरसता
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मैं कृष्ण हूँ आज के युग का, गीता के उपदेश नहीं सुनाऊंगा

गाँधी,शास्त्री,नेहरु और वल्लभ जैसे होते थे राजनीति के गौरव पांडव अब बहुत कम बचे हैं, राजनीति में घुस आये कौरव धृतराष्ट्र बनी बैठी हैं जनता, बस हाहाकार मचाती हैं अर्जुनो का वध जब होता, मूक बधिर हो जाती हैं महाभारत की इस भूमि पर युगक्रांति को लाना हैं
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ऑस्ट्रेलिया बन रहा हैं मौत का कुआँ भारतीय छात्रों के लिए

नितिन गर्ग , जसप्रीत सिंह, रणजोध सिंह --- आखिर इन सब में समानता क्या हैं? यह सब भारतीय हैं , ऑस्ट्रेलिया गए थे अपने सपनो के साथ और फिर यह शिकार बन गए।किसका शिकार?रंगभेद का या फिर किसी सड़कछाप मवाली का। ऑस्ट्रलियन सरकार तो कह रही हैं कि यह सब लोग शरारती