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ऐवरेस्ट में चढ़ने वाला पहला पर्वतारोही

George Malloryजॉर्ज मैलेरी एक मात्र पर्वतारोही था जिसने ब्रिटिश सरकार के ऐवरेस्ट में पर्वतारोहण करने के के सन् 1921, 1922 और 1924 के अभियानों में हिस्सा लिया था। मैलोरी का जन्म 18 जून 1886 में हुआ था और उसका देहान्त 1924 के अभियान के दौरान 8 जून 1924 में
 
विनीता यशस्वी
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जूथिका राय के बहाने गुलाबी-नगर का सुनहरा सफर।

पिछले दिनों यूनुस जी को जूथिका रॉय के 91 वें जन्‍मदिन पर आयोजित कार्यक्रम के लिए जयपुर जाना था। प्रस्‍ताव सपरिवार आने का था। मैं उहापोह में थी और अंतिम दिन तक उहापोह में ही रही। पता नहीं, 'जादू' कैसा 'रिस्‍पॉन्‍ड' करेंगे। ख़ैर तय हुआ कि हम सभी
 
mamta singh
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हिमालय की यात्रायें

रामनाथ पसरीचा (1926-2002) पांच से अधिक दशकों तक हिमालय की यात्रायें करते रहे। अपने पिट्ठू पर कागज, रंग और ब्रश लिये उन्होंने 65 शिखरों के चित्र 10,000 फुट से 20,500 फुट की उंचाई पर बैठ कर बनाये हैं। पसरीचा जी ने कई राष्ट्रीय व अन्तर्राष्ट्रीय
 
विनीता यशस्वी
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मेरी बिनसर अभ्यारण्य की यात्रा - 3

अगले दिन साल की अंतिम सुबह थी और हम हिमालय के सामने थे। सूर्योदय के समय हिमालय देखने के लिये हम ने शाम से ही पूरे इंतज़ाम कर लिये थे। रैस्ट हाउस वालों से सूर्योदय का समय और जगह भी पूछ ली थी। उसी के अनुसार अलार्म लगा लिये। सुबह अलार्म बजते ही बगैर आलस किये
 
विनीता यशस्वी
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मेरी बिनसर अभ्यारण्य की यात्रा - 2

अल्मोड़ा से बिनसर अभ्यारण 30 किमी. की दूरी पर है। बिनसर अभ्यारण्य जाने के लिये हम जिस टैक्सी में बैठे वो तो कमाल थी। टैक्सी सड़क पर चल नहीं उड़ रही थी। हालांकि यह रास्ता बहुत अच्छा है पर ड्राइवर ने तो जैसे कसम खाई थी कि वो धीरे-धीरे नहीं चलेगा। उसे
 
विनीता यशस्वी
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मेरी बिनसर अभ्यारण्य की यात्रा - 1

मेरी बिनसर अभ्यारण्य की यह यात्रा 30 दिसम्बर 2006 की है। जब हम कुछ दोस्तों ने नये साल में बिनसर अभ्यारण्य जाने की प्रोग्राम बनाया और वहां के टी.आर.सी. में बुकिंग भी करवा ली। हममें से तीन नैनीताल के थे और दो ने दिल्ली से नैनीताल आना था और फिर उसी दिन हम
 
विनीता यशस्वी
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गढ़मुक्तेश्वर की यात्रा

बहुत पहले मैंने आउटलुक समूह द्वारा प्रकाशित पुस्तक "वीकेंड ब्रेक्स फ्रॉम देल्ही" में गढ़मुक्तेश्वर या गढ़गंगा के बारे में पढ़ा था. तभी से मैं वहां जाना चाहता था. गढ़मुक्तेश्वर उत्तरप्रदेश के गाज़ियाबाद जिले में दिल्ली से लगभग 100 किमी की दूरी पर
 
निशांत
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कुछ बिछड़े हुए दोस्त!

सियालदाह से मुझे एअरपोर्ट जाना था, बाकियों को हावड़ा स्टेशन।बाकी यानी सौगत, विकास, एमएसआर। सौगत और विकास मुंबई जा रहे थे, एमएसआर चेन्नई। मेरी हैदराबाद की फ्लाईट थी।मुझे एअरपोर्ट की टैक्सी में सौगत ने इतनी जल्दी बिठाया कि ठीक से अलविदा कहने का मौका भी
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मेरी दिल्ली यात्रा - 5

नेशनल रेल म्यूजियम देखने के बाद हम अमृता शेरगिल रोड, जो कि हमारे साथ वाले ने बताया कि दिल्ली की सबसे महंगी सड़क है क्योंकि इस सड़क में बिकने वाली प्रॉपर्टी के दाम सबसे अधिक होते हैं, पर आ गये। इस सड़क का नाम मशहूर चित्रकारा अमृता शेरगिल के नाम पर रखा है।
 
विनीता यशस्वी
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मुंबई के रेडलाईट एरिया फॉकलैंड रोड से गुजरते हुए

हाल ही में मुंबई के ऐसे इलाके से होकर गुजरा हूँ जो वैश्याओं के इलाके के रूप में जाना    जाता है.....फॉकलैंड रोड ......जहां के अनुभव और जन-जीवन को कई बार लोगों ने फिल्मों में छन छन कर देखा है। दरअसल मुझे मुंबई के सी.पी.टैंक इलाके में स्थित ह
 
सतीश पंचम
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मेरी कॉर्बेट फॉल की यात्रा

कॉर्बेट फॉल की मेरी यह यात्रा करीब 4 साल पहले की है। इस यात्रा की प्लानिंग भी अचानक ही दोस्तों के साथ बनी थी और अकसर अचानक में बने हुए ऐसे ही प्लान्स मजेदार भी होते हैं।सुबह 6 बजे अचानक ही मेरी दोस्त का फोन आया और वो बोली की - विन्नी बहुत समय हो गया हम
 
विनीता यशस्वी
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हवाई नजारा जो मैने देखा

इस वीडियो को क्लिक कर चले हमारे साथ हवाई यात्रा पर आप।
 
बृजेश सिंह
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मेरी लद्दाख यात्रा-2

पा लम एअरपोर्ट पर मैं एयर डेक्कन के उस विमान को बड़ी हसरत भरी नजर से देख रहा था। जैसे ही बस से उतरे मेरे साथ के लोग विमान की ओर बढ़े मैं भी अपना वैग लेकर उनके पीछे चल दिया। विमान के द्वार से अंदर घुसते समय लाल रंग के पश्चिमी पहनावे वाली दो लड़कियों न
 
बृजेश सिंह
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मेरी लद्दाख यात्रा-1

अं ग्रेजी की यह चंद लाइने मेरे लैपटाप पर सुहैल नाम के उस कश्मीरी नौजवान ने लिखी थी जिसकी आंखों में मैं रोज हजारों सपने घुमड़ते हुए देखता था। सुहैल अकरम राठौर, दिल्ली दूरदर्शन में एंकर व रिपोर्टर हैं। मेरी लद्दाख यात्रा के दौरान लेह के होटल नामग्याल प
 
बृजेश सिंह
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अमरनाथ-यात्रा (बालटाल से पवित्र-गुफ़ा तक)

आगे जाने पर मार्ग में ही ग्लेशियर शुरु हो गए। घोड़े बर्फ़ पर चल रहे थे...
 
प्रेमलता पांडे
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अमरनाथ-यात्रा (श्रीनगर)

प्रकृति और मानव की कलात्मकता का अद्भुत मिश्रण है श्रीनगर में।
 
प्रेमलता पांडे
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अमरनाथ-यात्रा

जालंधर का देवी तालाब मंदिर अमरनाथ की यात्रा का पहला पड़ाव था।
 
प्रेमलता पांडे
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रेल के स्लीपर डब्बों में ‘अतिरिक्त सीट’ पर एक सर्वेक्षण

कुछ दिन पहले सफर की कतरनें लिखते समय भारतीय रेले के स्लीपर क्लास डब्बों में साइड में तीसरी बर्थ घुसा देने से हुई परेशानी पर लिखा था…। कुछ अन्य लोगों ने भी इससे हुई परेशानी का जिक्र किया था। सागर भाई ने भी अपनी एक पोस्ट में इसका जिक्र किया था। र