ओ छो्रे! क्या कहने तेरे-"फ़कीरा" चिट्ठाकार चर्चा मे (ललित शर्मा)
रेल चली भाई रेल चली--छुक-छुक रेल चली-देश मे विद्यार्थियों का सरोकार रेल से पड़ता है गांव से शहर पढने जाते हैं, बडे शहरों मे लोकल ट्रेन चलती है जिसमे सभी तरह के लोग सवारी करते है. दूर की यात्रा तो सबको करनी पड़ती है........लेकिन ट्रेन में सुविधाओं के नाम पर
Feb 24 2010 12:13 PM



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