पीळियो और लिछमी
वो पल बहुत खूबसूरत रहा होगा, जब लिछमी की आंखों में खोकर पीळिये ने प्यार का इजहार किया था। उसकी उंगलियां लिछमी की कोमल हथेली में थी। हवा का पास से गुजरना भी तब साफ सुन रहा था। जाने क्यों वो तपता सूरज इतना ठंडा हो गया था। उसकी आग कहां खो गई, कोई नहीं जानता
Apr 06 2010 10:45 PM



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