0
मुफ्त
इस ज़माने में भी कुछ सामान मुफ्त हैहंस के देखिये अभी मुस्कान मुफ्त हैजिंदगी भर लेटने सोने के दाम थेमर गए तो मौज है शमशान मुफ्त हैपेड़ से टूटे हुए गुल है बड़े महंगेमेज पर टूटा हुआ गुलदान मुफ्त हैसांस लेने को हवा हासिल नहीं घर मेंछत उड़ाने के लिए तूफ़ान
Apr 17 2010 02:32 PM



Shuffle








