सवाल तो हैं ही, निरुपमा के लिए भी और प्रियभांशु के लिए भी
- प्रणव प्रियदर्शी(निरुपमा मसले पर मेरी पिछली पोस्ट निरुपमा के बहाने अब एक बार अपने भीतर झांकें, प्लीज़! पर प्रणव प्रियदर्शी ने यह लंबी टिप्पणी मेल के जरिए मुझे भेजी। इसे एक नई पोस्ट की तरह लगाना ज्यादा सुविधाजनक रहेगा, यह मान कर इसे यहां दे रही हूं।
May 09 2010 09:45 AM



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